
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा इलाके में गुरुवार तड़के एक निजी अस्पताल में आग लगने से हड़कंप मच गया. ब्रह्मपुरा थाना के समीप स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में लगी आग के बाद मरीजों, परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई. राहत और बचाव अभियान के दौरान 25 से अधिक मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि दम घुटने से चार मरीजों की मौत हो गई है. डीएम सुब्रत कुमार सेन ने घटना में चार मौत की पुष्टि की है. मौके पर FSL की टीम पहुंच कर जांच में जुट गयी है.
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 3:40 बजे अस्पताल के आईसीयू वार्ड के एक मशीन से अचानक धुआं निकलना शुरू हुआ. कुछ ही देर में पूरा वार्ड धुएं से भर गया. उस समय आईसीयू में कई गंभीर मरीज भर्ती थे. धुआं फैलते ही अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई. अस्पताल स्टाफ ने तत्काल वार्ड में फंसे लोगों को रेस्क्यू करना शुरू किया. साथ ही तत्काल फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना दी गई.
खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर किया गया रेस्क्यू
मौके पर पहुंची दमकल टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आईसीयू की खिड़कियों और दरवाजों को तोड़कर अंदर फंसे मरीजों तक पहुंच बनाई. दमकलकर्मियों ने ऑक्सीजन सपोर्ट पर मौजूद मरीजों को बाहर निकालने के लिए घंटों तक अभियान चलाया, जिसमें करीब 25 से अधिक मरीजों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया. रेस्क्यू के दौरान अस्पताल कर्मी भी गंभीर रूप से झुलस गये.
दूसरे अस्पतालों में कराया गया भर्ती
रेस्क्यू के बाद मरीजों को शहर के विभिन्न निजी और सरकारी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया. कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है. घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों की भारी भीड़ जुट गई.
मरने वालों में ये लोग शामिल
रिपोर्ट के अनुसार, मरने वालों में शशांक कुमार (मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड के रतनपुर गांव के निवासी), उदय कुमार (शिवहर जिले के तरियानी छपरा स्थित विसंभरपुर गांव के निवासी), गीता देवी (मुजफ्फरपुर जिले के कथैया थाना के बिसतौलिया गांव के निवासी) और कृष्णनंदन सिंह (मुजफ्फरपुर के मीनापुर के गोरीगामा के निवासी) शामिल हैं. मरने वालों की पुष्टि जिला प्रशासन की ओर से की गयी है.






