
धमतरी, 05 जून 2026 (IMNB NEWS AGENCY) कृषि प्रधान जिले धमतरी में भंडारण एवं लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विस्तार से जिले की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने जा रही है। किसानों को बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने, कृषि उपज के सुरक्षित भंडारण तथा परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) एवं छत्तीसगढ़ राज्य भंडारण गृह निगम (एसडब्ल्यूसी) के सहयोग से जिले में कुल 30 हजार मीट्रिक टन की अतिरिक्त वैज्ञानिक भंडारण क्षमता विकसित की जा रही है। यह पहल धमतरी को प्रदेश के प्रमुख वेयरहाउसिंग एवं कृषि लॉजिस्टिक्स केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
गत वर्षों में रबी फसलों, विशेषकर चने के रिकॉर्ड उपार्जन के दौरान जिले में पर्याप्त भंडारण क्षमता उपलब्ध नहीं होने के कारण उपज को अन्य जिलों के गोदामों में भेजना पड़ा था। इससे परिवहन व्यय बढ़ने के साथ-साथ प्रशासनिक एवं सहकारी संस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव भी पड़ा था। इसी अनुभव को आधार बनाकर जिले में स्थायी भंडारण अधोसंरचना विकसित करने की कार्ययोजना पर तेजी से अमल किया जा रहा है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना” के अंतर्गत जिले की चार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) – अंवरी, कोसमर्रा, पोटियाडीह-आमदी एवं कोलियारी – का चयन किया गया है। इन चारों समितियों में 2,500-2,500 मीट्रिक टन क्षमता के आधुनिक गोदामों का निर्माण किया जा रहा है। इनके पूर्ण होने पर ग्रामीण स्तर पर ही 10 हजार मीट्रिक टन की अतिरिक्त भंडारण सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उपार्जन के बाद कृषि उपज का सुरक्षित एवं व्यवस्थित भंडारण सुनिश्चित हो सकेगा।
इसके साथ ही राज्य भंडारण गृह निगम द्वारा धमतरी एवं कुरूद में 10-10 हजार मीट्रिक टन क्षमता के दो बड़े गोदाम विकसित किए जा रहे हैं। इस प्रकार निगम के नेटवर्क में 20 हजार मीट्रिक टन की नई क्षमता जुड़ेगी। वहीं जिले में केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) के माध्यम से पहले से उपलब्ध एक लाख मीट्रिक टन से अधिक भंडारण क्षमता धमतरी को प्रदेश के प्रमुख भंडारण केंद्रों में शामिल करती है।
रबी विपणन वर्ष 2026 में जिले में समर्थन मूल्य पर चने की रिकॉर्ड खरीदी की गई है। विपणन विभाग के अनुसार 9,103 किसानों से 1 लाख 16 हजार 162 क्विंटल चना खरीदा गया है, जिसके एवज में 60.54 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भुगतान की प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त सरसों एवं मसूर का भी सफलतापूर्वक उपार्जन किया गया है। बढ़ती खरीदी क्षमता और कृषि उत्पादन को देखते हुए भंडारण अधोसंरचना का विस्तार समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गया था।
नई भंडारण सुविधाओं का लाभ जिले के राइस मिलर्स को भी मिलेगा। धान मिलिंग के क्षेत्र में अग्रणी धमतरी जिले में अक्सर धान एवं तैयार चावल के सुरक्षित भंडारण की चुनौती सामने आती रही है। अतिरिक्त गोदाम क्षमता उपलब्ध होने से मिलिंग गतिविधियों को गति मिलेगी, भंडारण संबंधी दबाव कम होगा तथा परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स लागत में भी कमी आएगी।
इसी क्रम में धमतरी में ब्रॉडगेज रेल लाइन पर रैक संचालन की संभावनाएं भी जिले के आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाली हैं। रेल परिवहन सुविधा उपलब्ध होने से कृषि उपज, चावल एवं अन्य उत्पादों का बड़े बाजारों तथा विभिन्न राज्यों तक कम लागत में परिवहन संभव हो सकेगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार होगा और स्थानीय उद्यमों को नई ऊर्जा मिलेगी।
महापौर श्री रामू रोहरा ने कहा कि धमतरी जिले में भंडारण क्षमता का यह अभूतपूर्व विस्तार कृषि एवं औद्योगिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज के सुरक्षित भंडारण की बेहतर सुविधा उपलब्ध होने से कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही जिले के राइस मिलर्स, व्यापारियों और उद्यमियों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। महापौर श्री रोहरा ने कहा कि धमतरी में विकसित हो रही वेयरहाउसिंग अधोसंरचना और जल्द प्रारंभ होने वाली ब्रॉडगेज रेल सेवाएं जिले को प्रदेश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स एवं व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल रोजगार सृजन, व्यापार विस्तार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा धमतरी के समग्र विकास के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि जिले में विकसित की जा रही नई भंडारण एवं परिवहन अधोसंरचना किसानों, सहकारी संस्थाओं, व्यापारियों और उद्योगों के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि भंडारण क्षमता बढ़ने से कृषि उपज का बेहतर प्रबंधन, परिवहन लागत में कमी और विपणन व्यवस्था में सुधार होगा, जिससे जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
धमतरी में भंडारण क्षमता विस्तार, सहकारी क्षेत्र की सुदृढ़ भागीदारी और रेल आधारित परिवहन सुविधाओं का समन्वय जिले को कृषि एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार कर रहा है। आने वाले वर्षों में यह अधोसंरचना न केवल किसानों की आय वृद्धि में सहायक होगी, बल्कि धमतरी को प्रदेश के प्रमुख कृषि-व्यापार एवं वेयरहाउसिंग केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।









