
अम्बिकापुर 05 जून 2026/ छत्तीसगढ़ शासन की पारदर्शी और संवेदनशील पहल ’सुशासन तिहार’ जिले के किसानों और ग्रामीणों के लिए एक बड़ा वरदान साबित हो रही है। इस अभियान के तहत प्रशासन सीधे गांव-गांव पहुंचकर किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर रहा है। सरगुजा जिले के ग्राम लटोरी निवासी कृषक श्री निर्मल राम को अब पूंजी के अभाव और महंगे निजी खाद-बीज के झंझट से हमेशा के लिए मुक्ति मिल गई है।
आर्थिक तंगी से खेती में हो रही थी परेशानी
ग्राम लटोरी के रहने वाले किसान निर्मल राम बताते हैं कि उनके पास किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) नहीं था। इस वजह से उन्हें खेती के समय भारी आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। पूंजी की कमी के चलते उन्हें मजबूरी में खुले बाजार और प्राइवेट दुकानों से महंगे दामों पर खाद और बीज खरीदना पड़ता था, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता था।
सुशासन तिहार से खुला सुविधाओं का द्वार
शासन द्वारा आयोजित ’सुशासन तिहार’ शिविर निर्मल राम के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया। शिविर में प्राप्त उनके आवेदन पर त्वरित कार्रवाई की गई और उनका किसान क्रेडिट कार्ड बनाकर उन्हें सौंप दिया गया। केसीसी बन जाने से अब वे सीधे तौर पर सरकारी सहकारी समिति से जुड़ गए हैं, जहां से उन्हें न केवल शून्य ब्याज दर पर कृषि ऋण मिलेगा, बल्कि उचित मूल्य पर उन्नत खाद और बीज भी आसानी से उपलब्ध होगा।
हितग्राही ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद
किसानी के काम में आई इस सहूलियत से निर्मल राम बेहद उत्साहित हैं। अपनी खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, ष्पहले पैसों की कमी के कारण हमें प्राइवेट दुकानों से खरीद-खरीद कर काम चलाना पड़ता था। हम बहुत परेशान रहते थे। लेकिन अब सुशासन तिहार में मेरा केसीसी कार्ड बन गया है, जो बहुत अच्छा है। अब हमें सरकारी समिति के माध्यम से खाद, बीज और कृषि कार्य के लिए पैसा सब कुछ आसानी से मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हमारा यह काम करवा दिया है, इसके लिए मैं उसको बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूँ।
राज्य शासन के ’सुशासन तिहार’ का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि अंतिम छोर के व्यक्ति और हर पात्र किसान तक शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचे, जिससे प्रदेश का अन्नदाता सशक्त और आत्मनिर्भर बन सके।









