
*500 पुलिसकर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण, सभी थानों को वितरित की गई फिंगरप्रिंट किट*
रायपुर, 05 जून 2026/ पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर में मिनी फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट के प्रभावी उपयोग संबंधी एक दिवसीय राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम के निर्देशन में आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य घटना स्थलों से वैज्ञानिक एवं सटीक साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाना तथा अपराधियों की पहचान एवं गिरफ्तारी में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना था।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पुलिस महानिरीक्षक, सीआईडी डॉ. ध्रुव गुप्ता ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि अपराध अनुसंधान में फिंगरप्रिंट एवं चांस प्रिंट अत्यंत महत्वपूर्ण साक्ष्य होते हैं। इन्हें वैज्ञानिक तरीके से विकसित कर न्यायालयीन प्रक्रिया में उपयोग लाने में फिंगरप्रिंट किट महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि राज्य में घटनास्थलों से प्राप्त चांस प्रिंट का अपराधियों के रिकॉर्ड से मिलान कर उनकी पहचान स्थापित करने और मामलों के त्वरित निराकरण में यह किट काफी उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि मिनी फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट घटनास्थल से सूक्ष्म एवं महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित करने में सक्षम है। किट के माध्यम से विकसित किए गए चांस प्रिंट का फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों द्वारा गहन परीक्षण कर अज्ञात आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की जा सकती है। इसी उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा सभी थानों के लिए मिनी फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट का क्रय किया गया है।
प्रशिक्षण के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों को विशेषज्ञों द्वारा पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण, वीडियो प्रदर्शन तथा व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से किट के संचालन, उपयोग और सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यशाला में प्रतिभागियों को घटनास्थल पर साक्ष्य संरक्षण एवं वैज्ञानिक जांच की आधुनिक तकनीकों से भी अवगत कराया गया। कार्यशाला के दौरान राज्य के सभी थानों से आए कर्मचारियों को मिनी फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट का वितरण भी किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में थानों में पदस्थ प्रधान आरक्षक एवं आरक्षक स्तर के लगभग 500 पुलिसकर्मियों ने भाग लेकर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इस अवसर पर फिंगरप्रिंट ब्यूरो के संचालक (उप पुलिस अधीक्षक) श्री अजय कुमार साहू, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती विद्या जोहर, निरीक्षक श्री कमलेश्वर सिंह, श्री धर्मेन्द्र कुमार भारती तथा श्रीमती अंजली मिंज ने विशेषज्ञ के रूप में प्रशिक्षण प्रदान किया और प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया।









