
Iran US Deal: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर अटकलें तेज हैं, लेकिन तेहरान ने साफ कर दिया है कि अभी किसी अंतिम करार पर मुहर नहीं लगी है. गुरुवार को ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ डील हो गई है, जिस पर यूरोप में इस वीकेंड हस्ताक्षर किए जा सकते हैं. ईरान का कहना है कि बातचीत जरूर आगे बढ़ी है, लेकिन समझौते को लेकर अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है. इसके साथ ही ईरान ने भारतीय शिप पर अमेरिकी हमले में मारे गए भारतीय नाविकों की मौत पर संवेदना प्रकट करते हुए, उसने अमेरिकी नीति को ‘स्टेट स्पांसर्ड समुद्री डकैती’ और ‘सशस्त्र लूट’ बताया.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका के साथ समझौता तय हो जाने संबंधी खबरों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी रिपोर्टें केवल अटकलों पर आधारित हैं. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए से बातचीत में बघाई ने कहा कि तेहरान ने अभी तक किसी भी समझौते पर अंतिम फैसला नहीं किया है. उन्होंने बताया कि कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. हालांकि उनका आरोप था कि अमेरिकी कदम कूटनीतिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं.
बघाई ने कहा,
‘शुरुआत से ही हमें वार्ता की स्थिति स्पष्ट थी और समझौते के मसौदे का बड़ा हिस्सा पहले ही तैयार किया जा चुका था. लेकिन अमेरिकी पक्ष लगातार अपना रुख बदलता रहा.’ उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान अपनी तय की गई ‘रेड लाइन्स’ पर कोई समझौता नहीं करेगा. बघाई के शब्दों में, ‘ईरान पहले ही साबित कर चुका है कि वह अपने निर्धारित लाल रेखाओं से पीछे नहीं हटता. अभी तक किसी भी समझौते पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.’
होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर भी जताई चिंता
ईरानी प्रवक्ता ने क्षेत्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अमेरिकी गतिविधियों के कारण होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पहले की तुलना में कम सुरक्षित हो गई है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा पर अमेरिकी कदमों का असर पड़ा है. दुनिया के तेल व्यापार के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
ट्रंप ने कहा था- समझौता अंतिम चरण में, जल्द हो सकते हैं हस्ताक्षर
इससे पहले गुरुवार (स्थानीय समयानुसार) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ एक ‘बेहतरीन समझौता’ हो गया है, जिससे दोनों देशों के बीच चल रहा विवाद समाप्त हो सकता है.
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा,
‘हमने ईरान के साथ युद्ध जैसी स्थिति को खत्म करने वाला एक शानदार समझौता किया है. अब सिर्फ दस्तावेजों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है. अगले कुछ दिनों में यह प्रक्रिया पूरी हो सकती है. संभव है कि हस्ताक्षर यूरोप में हों. जब तेल की कीमतें कम होंगी तो बाकी चीजों की कीमतें भी घटेंगी.’
ट्रंप ने आगे कहा कि इस समझौते का सबसे अहम उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके. उन्होंने कहा, ‘सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे पास ऐसा समझौता है जो सुनिश्चित करेगा कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. यही पूरा मकसद था जिसके लिए हमें यह सब करना पड़ा. दस्तावेज लगभग तैयार हैं और जल्द ही हस्ताक्षर हो सकते हैं.’
ट्रंप का दावा इस वीकेंड हो सकते हैं साइन
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट आधिकारिक तौर पर खोल दिया जाएगा. उनके मुताबिक, यह प्रक्रिया संभवतः इसी वीकेंड यूरोप में पूरी हो सकती है और उनकी ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इसमें शामिल हो सकते हैं. हालांकि, ट्रंप के इन दावों के कुछ ही समय बाद ईरान ने स्पष्ट कर दिया कि वार्ता पर बातचीत जारी है, लेकिन किसी अंतिम समझौते को लेकर अभी निर्णय नहीं लिया गया है.
भारतीय जहाज पर हमले के बाद अमेरिका को लताड़ा
ओमान के तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं. इस बीच ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भारतीय नागरिकों की जान लेने वाली यह कार्रवाई ‘राज्य प्रायोजित समुद्री डकैती’ और ‘सशस्त्र लूट’ का उदाहरण है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि भारतीय वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने और कम से कम तीन भारतीय नागरिकों की मौत की घटना अमेरिका की उस नीति को उजागर करती है, जिसे उन्होंने ‘सशस्त्र लूट और राज्य स्तर की समुद्री डकैती’ बताया.






