
अम्बिकापुर 12 जून 2026/ कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने शुक्रवार को जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान जिले में शिक्षा व्यवस्था और शैक्षणिक उपलब्धियों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा, सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में शैक्षणिक गतिविधियों के प्रभावी संचालन और विद्यार्थियों के बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इस दौरान भवनविहीन विद्यालयों, विद्युतविहीन विद्यालयों की जानकारी ली गई तथा सूची उपलब्ध कराने निर्देश दिए, ताकि आवश्यक कार्यवाही की जा सके। उन्होंने सभी स्कूलों में लगाए गए न्यूज डेस्क की जानकारी लेते हुए कहा कि विद्यार्थियों में न्यूजपेपर पढ़ने की आदत डलवाएं। उन्होंने जिले में पुस्तकों एवं गणवेश की उपलब्धता की जानकारी ली तथा पर्याप्त संख्या में उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पूर्व परीक्षा परिणामों की विकासखण्डवार हुई समीक्षा-
समीक्षा के दौरान उन्होंने पूर्व शैक्षणिक सत्र में परीक्षा परिणाम की जानकारी ली। बैठक में परीक्षा परिणामों के आधार पर विद्यालयों के प्रदर्शन का आकलन किया गया। उन्होंने बेहतर परिणाम देने वाले विद्यालयों की सराहना की, वहीं अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने तथा आगामी परीक्षाओं में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। उन्होंने कहा कि 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम की मॉनिटरिंग प्रत्यक्ष रूप से डीईओ स्तर पर की जाए।
कोई भी विद्यालय एकल शिक्षकीय ना रहे-
कलेक्टर ने जिले में शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षेत्र का कोई भी विद्यालय एकल शिक्षकीय न रहे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में आवश्यकतानुसार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। जिन विद्यालयों में केवल एक शिक्षक कार्यरत हैं, वहां शीघ्र अतिरिक्त शिक्षकों की तैनाती की कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम 2 एवं माध्यमिक विद्यालयों में 3 शिक्षक अनिवार्य रूप से रहें। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध होना आवश्यक है और इस दिशा में प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाए।
पीवीटीजी समुदायों के विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में एडमिशन दिलाने पर विशेष फोकस रखने दिए निर्देश-
कलेक्टर श्री वसंत ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि आश्रम-छात्रावासों में रहने वाले ऐसे विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराएं, जो इस वर्ष कक्षा पांचवीं और आठवीं की परीक्षा दे रहे हों। उन्होंने कहा कि ध्यान रहे कि ये सभी बच्चे आगामी कक्षा छठवीं एवं नवमीं में अवश्य एडमिशन लें। उन्होंने कहा कि स्वयं मॉनिटरिंग करें और शाला त्याग की मंशा वाले बच्चों के अभिभावकों से मिलकर उन्हें प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि पीवीटीजी समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा सशक्त माध्यम है, इसलिए इस ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
शाला प्रवेशोत्सव से पूर्व विद्यालयों की आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी हो जाएं-
जिले में आगामी 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को देखते हुए कलेक्टर श्री वसंत ने सभी विद्यालयों में आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शाला प्रवेशोत्सव के सफल आयोजन के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने कहा। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि विद्यालय परिसरों की साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, फर्नीचर तथा कक्षाओं की आवश्यक मरम्मत का कार्य समय रहते पूरा किया जाए। साथ ही विद्यार्थियों के स्वागत के लिए आकर्षक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
अपार आईडी निर्माण की प्रगति की समीक्षा-
कलेक्टर ने बच्चों के अपार आईडी निर्माण की प्रगति की समीक्षा की।उन्होंने सभी बीईओ को निर्देशित किया गया कि जिन विद्यार्थियों का जन्म प्रमाण पत्र बन गया है, उनका जल्द आधार कार्ड बनवाएं। उन्होंने विभागों के समन्वय से प्रमाण पत्र निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
सेवानिवृत्ति तिथि पर ही सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं-
कलेक्टर श्री वसंत ने कहा कि सेवा अवधि समाप्त करने वाले विभाग के कर्मचारियों को उसी दिन आवश्यक दस्तावेज पीपीओ एवं जीपीओ प्राधिकार पत्र सहित अन्य प्रदान कर दिए जाएं। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को सेवानिवृत्त होने वालों की जानकारी प्रत्येक माह के पहली समय- सीमा की बैठक में उपलब्ध कराने कहा।








