
सहकारी समितियों में पर्याप्त भंडारण, पारदर्शी वितरण से किसानों को मिल रही राहत
अब तक 14 हजार 860 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को
धमतरी, 21 जून 2026 (IMNB NEWS AGENCY) खरीफ सीजन-2026 की तैयारियों को लेकर धमतरी जिले में खाद एवं उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले की सहकारी समितियों में अग्रिम भंडारण किया गया है तथा पॉस मशीन के माध्यम से पारदर्शी वितरण व्यवस्था लागू की गई है।
जिले की सभी सहकारी समितियों और उर्वरक विक्रय केंद्रों की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो सके। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ सीजन के लिए जिले में अब तक 24 हजार 658 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जबकि 14 हजार 860 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है।
जिले की 96 सहकारी समितियों में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी तथा नैनो उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। किसानों की मांग के अनुरूप समितियों को लगातार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। शंकरदाह (अर्जुनी) समिति द्वारा भेजी गई मांग पर सहकारी विपणन संघ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त उर्वरक उपलब्ध कराया है, जिससे वहां यूरिया का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध हो गया है।
कृषि विभाग द्वारा किसानों को संतुलित पोषण प्रबंधन एवं वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभाग के अनुसार डीएपी के विकल्प के रूप में एसएसपी, एनपीके, अमोनियम फॉस्फेट सल्फेट तथा नैनो उर्वरकों का उपयोग प्रभावी रूप से किया जा सकता है। इससे न केवल फसलों को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं, बल्कि उर्वरकों के संतुलित उपयोग को भी बढ़ावा मिलता है।
कालाबाजारी पर सख्ती, अनियमितताओं पर त्वरित कार्रवाई
उर्वरकों की कालाबाजारी एवं कृत्रिम अभाव की स्थिति रोकने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निरीक्षण और छापामार कार्रवाई की जा रही है। अनियमितता पाए जाने पर अब तक तीन उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं तथा 24 से अधिक विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन की इस सख्ती से किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध हो रहा है।
फसल विविधीकरण को भी मिल रहा बढ़ावा
कृषक उन्नति योजना के तहत जिले में दलहन एवं तिलहन फसलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे किसान फसल विविधीकरण की ओर आकर्षित हो रहे हैं और कृषि उत्पादन में संतुलन के साथ आय वृद्धि के नए अवसर प्राप्त कर रहे हैं।
अधिकृत केंद्रों से ही करें खाद की खरीदी
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों एवं लाइसेंसी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें। यदि कहीं अधिक मूल्य वसूली, जमाखोरी अथवा किसी प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिले तो इसकी शिकायत जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक 07722-232249 पर तत्काल दर्ज कराएं।
जिला प्रशासन का प्रयास है कि खरीफ सीजन के दौरान किसी भी किसान को खाद-बीज की कमी का सामना न करना पड़े। शासन और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से जिले में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है तथा इस वर्ष खरीफ फसलों के रकबे और उत्पादन में वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। धमतरी जिले में खाद-उर्वरक प्रबंधन की यह व्यवस्था किसानों के लिए राहत और भरोसे का आधार बन रही है।









