
जशपुरनगर 13 जुलाई 2026/ जिले को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से व्यापक और सख्त कार्य योजना लगातार जारी रहेगा। इस संबंध में कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में एनकार्ड समिति की बैठक हुई। बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह ने सभी संबंधित विभागों को नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, निगरानी और जनजागरूकता अभियान को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस और कोटपा एक्ट के तहत मादक पदार्थों के अनुचित उपयोग करने वालों पर लगातार कार्रवाई करे। कलेक्टर श्री व्यास ने नशे से पीड़ित व्यक्तियों को उपचार हेतु नशा मुक्ति केंद्र जाने के लिए प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में सभी एसडीएम, एसडीओपी सहित स्वास्थ्य, आबकारी, पुलिस, यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
नशा तस्करी पर कड़ी निगरानी और कार्रवाई –
कलेक्टर एवं एसएसपी ने मादक पदार्थों की तस्करी पर सख्त निगरानी रखने, नियमित चेकिंग करने और जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। कोटपा एक्ट के तहत निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। विशेष रूप से स्कूलों के आसपास के दायरे में गुटखा एवं तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर गुमास्ता एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
मेडिकल स्टोर्स और ढाबों की सख्त जांच-
बैठक में ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देशित किया गया कि मेडिकल स्टोर्स की गहन जांच कर अवैध एवं नशीली दवाइयों की बिक्री पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। आबकारी विभाग को हाईवे पर स्थित होटल-ढाबों में अवैध शराब बिक्री की जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
नशामुक्त भारत अभियान के प्रति करे जागरूक –
कलेक्टर श्री व्यास ने समाज कल्याण विभाग को “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा सके। उन्होंने जिले में नशामुक्त भारत अभियान को सक्रियता पूर्वक जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचकर नशे के खिलाफ जागरूकता लाएं। साथ ही नशा मुक्ति शपथ के लिए लोगों को प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की सहभागिता से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। यह पहल जिले को नशामुक्त बनाने और सुरक्षित, स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।









