
*पद्मविभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई सहित आठ दिवंगत कलाकारों एवं साहित्यकारों के परिजनों को मिली आर्थिक सहायता, अभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों एवं विद्यार्थियों को भी मिला प्रोत्साहन*
रायपुर, 24 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कला, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन तथा कलाकारों के कल्याण के उद्देश्य से मंत्रालय के सभाकक्ष में ‘कलाकार कल्याण कोष योजना’ तथा ‘अभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों एवं विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना’ के अंतर्गत सहायता एवं छात्रवृत्ति राशि के चेक वितरण का वृहद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के वरिष्ठ कलाकारों, साहित्यकारों तथा युवा प्रतिभाओं के सम्मान और प्रोत्साहन का भावपूर्ण वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान पद्मविभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई, अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त पंडवानी कलाकार के परिजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया। इसके साथ ही स्व. राजाराम साहू, स्व. राम प्रसाद चौहान, स्व. नरेश बंजारे, स्व. हीरा बाई, स्व. आशीष सिंह, स्व. सुशील भोले तथा स्व. सुरजीत नवदीप सहित कुल आठ दिवंगत कलाकारों एवं साहित्यकारों के परिजनों को भी एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर कला एवं साहित्य के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान का सम्मान किया गया।
संस्कृति विभाग द्वारा संचालित कलाकार कल्याण कोष योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्राप्त 26 आवेदनों में से परीक्षण उपरांत 20 आवेदकों का चयन किया गया। इनमें 13 आवेदकों को मृत्यु उपरांत एक-एक लाख रुपये तथा उपचार सहायता के लिए 7 आवेदकों को 50-50 हजार रुपये प्रदान किए गए। इस प्रकार योजना के अंतर्गत कुल 15 लाख 30 हजार रुपये की सहायता राशि चेक के माध्यम से वितरित की गई।
इसी प्रकार अभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों एवं विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्राप्त 40 आवेदनों में से 28 आवेदकों का चयन कर 2 लाख 20 हजार रुपये की छात्रवृत्ति स्वीकृत की गई। कार्यक्रम में उपस्थित 19 छात्र-छात्राओं में से उच्च शिक्षा के लिए 14 विद्यार्थियों को 10-10 हजार रुपये तथा गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत 5 विद्यार्थियों को 5-5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए गए। कुल 1 लाख 65 हजार रुपये की राशि वितरित कर युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में सहायता एवं छात्रवृत्ति राशि के चेक संस्कृति विभाग के सचिव श्री एस. भारतीदासन, फिल्म विकास निगम की अध्यक्षा सुश्री मोना सेन तथा सिंधी अकादमी की अध्यक्षा श्रीमती सुषमा जैदानी के हाथों हितग्राहियों एवं दिवंगत कलाकारों के परिजनों को प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने कला और साहित्य के क्षेत्र में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए युवा पीढ़ी से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
संस्कृति विभाग के सचिव श्री एस. भारतीदासन ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोककला, लोक साहित्य और सांस्कृतिक परंपराओं की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध प्रदेश है। कलाकारों और साहित्यकारों ने अपने जीवनभर समाज को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। ऐसे में उनके सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए संचालित योजनाएं केवल आर्थिक सहयोग का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन का सशक्त प्रयास भी हैं। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि कला और साहित्य से जुड़े प्रत्येक प्रतिभाशाली व्यक्ति को सम्मानजनक वातावरण, आवश्यक सहयोग और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
संस्कृति विभाग के संचालक श्री संजय कन्नौजे ने कहा कि संस्कृति विभाग का उद्देश्य केवल कलाकारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा, सृजनशीलता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। उन्होंने कहा कि ‘कलाकार कल्याण कोष योजना’ और ‘अभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों एवं विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना’ वरिष्ठ कलाकारों के सम्मान और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य कर रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन योजनाओं से प्रेरित होकर अधिक से अधिक युवा कला और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देंगे तथा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
इस अवसर पर संस्कृति विभाग के सचिव श्री एस. भारतीदासन, संस्कृति विभाग के संचालक श्री संजय कन्नौजे, फिल्म विकास निगम की अध्यक्षा सुश्री मोना सेन, सिंधी अकादमी की अध्यक्षा श्रीमती सुषमा जैदानी, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार, संस्कृति विभाग की अवर सचिव श्रीमती रुचि शर्मा, संस्कृति मंत्री के ओएसडी श्री जितेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, कलाकार, साहित्यकार तथा दिवंगत कलाकारों एवं साहित्यकारों के परिजन उपस्थित रहे।
संस्कृति विभाग की यह पहल राज्य की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, कलाकारों एवं साहित्यकारों के सम्मान तथा युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के प्रति छत्तीसगढ़ शासन की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करती है। कलाकार कल्याण कोष योजना और छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से शासन न केवल आर्थिक सहयोग प्रदान कर रहा है, बल्कि कलाकारों और साहित्यकारों के सामाजिक सम्मान, सांस्कृतिक सुरक्षा तथा रचनात्मक वातावरण को भी सुदृढ़ कर रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से वरिष्ठ कलाकारों के योगदान को सम्मानित करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को कला और साहित्य के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह प्रयास छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करते हुए उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।









