Ro no D15139/23

दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से अंधेरे रास्तों से लौटकर रोशनी तक- अरविंद हेमला की हिम्मत और बदलाव की कहानी

 

रायपुर, 06 अप्रैल 2026/ अंधेरे रास्तों से लौटकर रोशनी तक का सफर निराशा, संघर्ष और कठिनाइयों से निकलकर आशा, सफलता और ज्ञान की ओर जाने का प्रतीक है। यह एक ऐसी यात्रा है जो दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से पूरी की जा सकती है। 22 वर्षीय अरविंद हेमला का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। बीजापुर जिले के एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मे अरविंद बचपन से ही आर्थिक तंगी, अशिक्षा और सामाजिक चुनौतियों से जूझते रहे। परिवार की आजीविका कृषि मजदूरी पर निर्भर थी, जिससे दैनिक जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो जाता था।

कम उम्र में ही माता-पिता का साया सिर से उठ जाना उनके जीवन का सबसे बड़ा आघात था, पिता का निधन 2009 में और माता का 2016 में हो गया। इस घटना ने अरविंद को पूरी तरह अकेला और असहाय बना दिया। युवावस्था में गलत संगति, क्षेत्रीय परिस्थितियों और आर्थिक मजबूरियों के कारण अरविंद नक्सली गतिविधियों की ओर आकर्षित हो गए। धीरे-धीरे वे इस रास्ते में उलझते चले गए, जिससे उनका सामाजिक और पारिवारिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। लेकिन समय के साथ अरविंद को एहसास हुआ कि यह रास्ता उन्हें केवल भय और अनिश्चित भविष्य की ओर ले जा रहा है। उन्होंने अपने जीवन को बदलने का दृढ़ संकल्प लिया। शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने मार्च 2025 में स्वेच्छा से आत्मसमर्पण कर दिया।

आत्मसमर्पण के बाद शासन द्वारा उन्हें पुनर्वास केंद्र बीजापुर में आवश्यक मार्गदर्शन, सहयोग और कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया। राज मिस्त्री कार्य का प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने निर्माण कार्य में तकनीकी दक्षता हासिल की। आज अरविंद तेलंगाना राज्य के मंचेरियल जिले में एक निर्माण श्रमिक के रूप में कार्यरत हैं और प्रतिदिन 600 रूपए की मजदूरी अर्जित कर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। अपने परिश्रम और लगन से उन्होंने न केवल आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि समाज की मुख्यधारा में भी सफलतापूर्वक वापसी की है।

राज्य सरकार की पुनर्वास नीति हिंसा की राह छोड़ने वाले नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने और समाज के साथ फिर से जुड़ने में मदद करना है। यह कहानी हमें सिखाती है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सही निर्णय, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से जीवन को नई दिशा दी जा सकती है।

  • Related Posts

    प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस-04: धमतरी की दो सड़कों का भूमि पूजन, ग्रामीण संपर्क मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम

      धमतरी, 17 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत स्वीकृत फेस-04 की…

    Read more

    प्राकृतिक आपदा में मृतकों के वारिसों को 48 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत

    अम्बिकापुर 17 अप्रैल 2026/  अपर कलेक्टर सरगुजा द्वारा प्राकृतिक आपदा में मृतकों के वारिसों को 48 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। जिसमें तहसील बतौली के बांसाझाल…

    Read more

    NATIONAL

    योगी के बयान पर मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी की कड़ी आपत्ति

    योगी के बयान पर मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी की कड़ी आपत्ति

    बिहार में नई सरकार का एक्शन, कई जेलों में एक साथ छापेमारी

    बिहार में नई सरकार का एक्शन, कई जेलों में एक साथ छापेमारी

    हनुमान मंदिर की घंटी बजाकर बने ‘सम्राट’-अब लालू बजाएंगे घंटी,हे खेड़ा-हेमन्त को छेड़ा-हुआ न बखेड़ा,कल्लू भिखारी के घर अमेरिका-ईरान समझौता,हवा का रूख भांप लिया वरूण ने; वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    हनुमान मंदिर की घंटी बजाकर बने ‘सम्राट’-अब लालू बजाएंगे घंटी,हे खेड़ा-हेमन्त को छेड़ा-हुआ न बखेड़ा,कल्लू भिखारी के घर अमेरिका-ईरान समझौता,हवा का रूख भांप लिया वरूण ने; वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    उत्तर बंगाल में ममता बनर्जी को झटका, भाजपा में शामिल हुई टीएमसी की यह महिला नेता

    उत्तर बंगाल में ममता बनर्जी को झटका, भाजपा में शामिल हुई टीएमसी की यह महिला नेता

    आज से संसद का विशेष सत्र, किरेन रिजिजू ने कहा- परिसीमन के नाम पर अफवाह न फैलाएं

    आज से संसद का विशेष सत्र, किरेन रिजिजू ने कहा- परिसीमन के नाम पर अफवाह न फैलाएं

    दिल्ली और बिहार में वोट देनेवाले को बंगाल में नहीं डालने देंगे वोट, अभिषेक बनर्जी की आयोग को खुली चेतावनी

    दिल्ली और बिहार में वोट देनेवाले को बंगाल में नहीं डालने देंगे वोट, अभिषेक बनर्जी की आयोग को खुली चेतावनी