
जगदलपुर, 15 जून 2026/ बस्तर जिले के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने तथा जिले के निर्यात परिदृश्य को एक नई दिशा देने के लिए आज कलेक्टर कार्यालय के प्रेरणा हॉल में जिला निर्यात संवर्धन समिति की अत्यंत महत्वपूर्ण प्रथम बैठक आयोजित की गई। यह बैठक भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना श्निर्यात केंद्र के रूप में जिले (डीईएच) पहल के अंतर्गत बुलाई गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य बस्तर जिले से निर्यात को तीव्र गति से बढ़ावा देना, नए निर्यातकों की संख्या में वृद्धि करना तथा निर्यात के मार्ग में आने वाली व्यावहारिक व तकनीकी बाधाओं का त्वरित निवारण करना है।
बैठक के दौरान जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के मुख्य महाप्रबंधक श्री बिलुंग द्वारा बस्तर जिले की निर्यात संभावनाओं, प्रमुख स्थानीय उत्पादों, मौजूदा निर्यातक आधार तथा भविष्य में निर्यात वृद्धि के लिए आवश्यक ठोस कार्ययोजना पर एक विस्तृत और प्रभावी प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने बस्तर जिले के समृद्ध कृषि उत्पाद, मूल्यवान वनोपज, पारंपरिक हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) तथा अन्य विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक बाजारों में सही स्थान दिलाने के लिए सभी संबंधित सरकारी विभागों और अग्रणी संस्थाओं के मध्य आपसी समन्वय और समन्वित प्रयासों पर विशेष बल दिया।
इस दौरान बस्तर जिले में निर्यात की वर्तमान स्थिति को रेखांकित करते हुए मुंबई से आए विदेश व्यापार के संयुक्त महानिदेशक डॉ प्रवीण कुमार द्वारा महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए गए, जिसके अनुसार वर्तमान में बस्तर जिले के भीतर कुल 113 सक्रिय आईईसी धारक मौजूद हैं और इनमें 74 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग इकाइयाँ सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। बस्तर के इन उद्यमियों के व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बैठक में कई दूरगामी रणनीतिक निर्णय भी लिए गए। इसके तहत जिले में निर्यात जागरूकता शिविरों के आयोजन, ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने तथा प्रमुख निर्यात क्लस्टरों के विकास हेतु क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय सीधे कलेक्टर श्री आकाश छिकारा द्वारा लिया गया। इसके साथ ही, पहली बार निर्यात के क्षेत्र में कदम रखने वाले नए उद्यमियों, किसान उत्पादक संगठनों तथा स्व-सहायता समूहों को अनिवार्य आईईसी प्राप्त कराने तथा उन्हें पूरी निर्यात प्रक्रिया से सुगमता से जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाने पर भी सहमति व्यक्त की गई।
व्यापारिक सुगमता को और बढ़ाने के उद्देश्य से बैठक में भारत सरकार की निर्यात संवर्धन मिशन के तहत संचालित होने वाली विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तथा वित्तीय सुविधाओं की विस्तृत जानकारी साझा की गई। वहां उपस्थित अधिकारियों और स्थानीय उद्यमियों को अत्याधुनिक ट्रेड कनेक्ट ई-प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध होने वाली सेवाओं, वैश्विक बाजारों की वास्तविक स्थिति, निर्यात वित्त, विदेशी बाजारों तक पहुंच सहायता और अन्य प्रोत्साहन उपायों से विस्तार से अवगत कराया गया ताकि बस्तर के व्यवसायी अंतरराष्ट्रीय मानकों का लाभ उठा सकें।
इस उच्च स्तरीय बैठक में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण रायपुर के सहायक प्रबंधक, एक्जिम बैंक कोलकाता के सहायक महाप्रबंधक, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग रायपुर के सहायक निदेशक तथा नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) जगदलपुर के डीजीएम और लीड बैंक मैनेजर शामिल हुए। इनके साथ ही शैलैक निर्यात संवर्धन परिषद कोलकाता की कार्यकारी निदेशक डॉ. देबजानी रॉय, एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड मुंबई के शाखा प्रबंधक, उद्योग संचालनालय रायपुर के महाप्रबंधक, विभिन्न बैंकिंग संस्थानों और वन विभाग, कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, रेशम तथा खनिज विभाग के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर बस्तर के निर्यात विकास हेतु अपने अमूल्य और व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक के सफल समापन पर उद्योग विभाग के मुख्य महाप्रबंधक श्री अजीत सुन्दर बिलुंग द्वारा उपस्थित सभी राष्ट्रीय एवं प्रांतीय अधिकारियों, विशेषज्ञों और उद्यमियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया गया, जिसके पश्चात बस्तर के आर्थिक इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत करने वाली इस बैठक का विधिवत समापन हुआ।








