Ro no D15139/23

कच्चे घर की असुरक्षा से बोदे बाई को मिली मुक्ति, प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्का मकान

रायपुर, 02 दिसम्बर 2025 (IMNB NEWS AGENCY) बस्तर जिले के लोहांडीगुड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत छिंदगांव की 49 वर्षीय बोदे बाई का जीवन वर्षों तक एक जीर्ण-शीर्ण, कच्चे कमरे में कठिनाइयों से भरा रहा। बरसात हो या कड़ाके की सर्दी, हर मौसम उनके परिवार के लिए नई मुसीबत लेकर आता था। सीलन, चूहों का आतंक, टूटी दीवारें और असुरक्षित माहौल इन सबने मिलकर अक्सर उनके बच्चों के स्वास्थ्य को बिगाड़ दिया। आर्थिक तंगी के कारण न तो वे घर की मरम्मत कर पाती थीं और न ही बीमारी के दिनों में दवाइयों का इंतजाम करना उनके लिए आसान था। जीवन की इन कठिन परिस्थितियों के बीच, उन्हें उम्मीद तब मिली जब ग्राम पंचायत के माध्यम से उन तक प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की जानकारी पहुंची।

सूचना मिलते ही बोदे बाई ने बिना देर किए उत्साह के साथ आवेदन किया और जल्द ही उनका नाम दो कमरों वाले मकान की लाभार्थी सूची में शामिल हो गया। योजना की स्वीकृति मिलने के बाद उनके जीवन में बदलाव का सिलसिला शुरू हुआ। सरकार द्वारा निर्धारित एक लाख बीस हजार रुपए की सहायता राशि उन्हें चरणबद्ध रूप से मिली, जिसने उनके सपने को साकार करने की नींव रखी। निर्माण कार्य में गति बनाए रखने के लिए उन्हें मनरेगा के तहत 90 दिनों की मजदूरी भी प्राप्त हुई, जिससे उनका आर्थिक बोझ काफी कम हो गया। इसके अलावा, घर निर्माण की कुछ अतिरिक्त आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उन्होंने ग्राम संगठन से 12 हजार रुपए का सीआईएफ लोन लिया, जिसके सहारे निर्माण कार्य समय पर पूरा हो सका। इस पूरे निर्माण के दौरान, आवास मित्र और पंचायत सचिव ने उन्हें तकनीकी सहयोग प्रदान किया।
आज बोदे बाई अपने परिवार के साथ एक मजबूत, सुरक्षित और स्वच्छ पक्के मकान में रह रही हैं। यह नया घर केवल एक छत नहीं है, बल्कि इसमें शौचालय, बिजली और पेयजल जैसी सभी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध हैं। वर्षों तक कठिनाइयों का सामना करने के बाद, अब उनके चेहरे पर सुकून और संतोष की चमक साफ दिखाई देती है। कच्चे घर की असुरक्षा से निकलकर पक्के मकान की सुरक्षा तक का यह सफर उनके लिए महज एक भौतिक बदलाव नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान और भरोसे की एक नई शुरुआत है।
बोदे बाई कहती हैं कि यह घर उनके जीवन में स्थिरता लेकर आया है और उन्हें भविष्य के प्रति नया विश्वास मिला है। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने न केवल उन्हें एक मकान दिया, बल्कि सम्मानित और सुरक्षित जीवन जीने का अवसर भी प्रदान किया है। उनकी यह सफलता ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का सशक्त उदाहरण है, जो यह साबित करती है कि सही सरकारी समर्थन और सामुदायिक सहयोग से किसी भी परिवार के सपने पूरे हो सकते हैं।

  • Related Posts

    अंगदान से मानवता को नई दिशा: प्रोजेक्ट दधीचि से जुड़कर पशु चिकित्सक बने प्रेरणा स्रोत

      मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की पहल, कलेक्टर ने अंगदान संकल्प लेने वाले कर्मचारी को किया सम्मानित रायपुर, 03 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जिला…

    Read more

    समय-सीमा बैठक में कलेक्टर के निर्देश: अविवादित बटवारे में न हो देरी, ई-ऑफिस एवं ई अटेंडेंस सुनिश्चित करें

      रायपुर, 03 मार्च 2026 । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज समय-सीमा की बैठक में राजस्व एवं विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि अविवादित…

    Read more

    NATIONAL

    गरीब पोराबाई फंसी-केजरीवाल को मोदी ने छुड़वाया,गले मिले या पड़े-लखमा, खबरदार-‘खामोश’ मत कहना, हैं, बेहद अश्लील धुरंधर-बोथरी सेंसर की धार-वंचित रहे परिवार वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    गरीब पोराबाई फंसी-केजरीवाल को मोदी ने छुड़वाया,गले मिले या पड़े-लखमा, खबरदार-‘खामोश’ मत कहना, हैं, बेहद अश्लील धुरंधर-बोथरी सेंसर की धार-वंचित रहे परिवार वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    सोनिया गांधी ने किया सवाल, खामेनेई की हत्या पर सरकार चुप्प क्यों?

    सोनिया गांधी ने किया सवाल, खामेनेई की हत्या पर सरकार चुप्प क्यों?

    सऊदी, कुवैत में US एंबेसी पर ईरान का हमला, अमेरिका बोला- इन 15 देशों को तुरंत छोड़ दें अमेरिकी

    सऊदी, कुवैत में US एंबेसी पर ईरान का हमला, अमेरिका बोला- इन 15 देशों को तुरंत छोड़ दें अमेरिकी

    पटना महावीर मंदिर के ज्योतिषाचार्य ने तय किया ग्रहण और भद्रा काल के बीच होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

    पटना महावीर मंदिर के ज्योतिषाचार्य ने तय किया ग्रहण और भद्रा काल के बीच होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

    पीएम मोदी ने बेंजामिन नेतन्याहू से की बात, कहा- शांति बहाली के प्रयास तेज किए जाने चाहिए

    पीएम मोदी ने बेंजामिन नेतन्याहू से की बात, कहा- शांति बहाली के प्रयास तेज किए जाने चाहिए

    ईरान पर हमले से बढ़ी वैश्विक अनिश्चितता, पढ़ें पूर्व विदेश सचिव शशांक का आलेख

    ईरान पर हमले से बढ़ी वैश्विक अनिश्चितता, पढ़ें पूर्व विदेश सचिव शशांक का आलेख