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“विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर अशोका पब्लिक स्कूल में बाल मनोविज्ञान और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम सफल आयोजन”

*कवर्धा:* नगर के प्रतिष्ठित विद्यालय अशोका पब्लिक स्कूल में विश्व शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य पर “बाल मनोविज्ञान और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम” का सफल आयोजन सपन्न हुआ I प्रशिक्षण के प्रमुख स्पीकर के रूप में प्रसिद्ध मास्टर ट्रैनर श्री ए.आर.केसी सर (असिस्टेंट प्रोफेसर उत्कर्ष कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन सरखों,जांजगीर) उपस्थित रहें I विद्यालय के संचालक श्री पवन देवांगन एवं संचालिका श्रीमती सारिका देवांगन तथा प्राचार्य श्री एस.एल.नापित ने प्रो.केसी सर का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया I तत्पश्चात दीप प्रज्वलित कर माँ शारदा की आरती कर प्रशिक्षण की शुरुआत किए I

विद्यालय के संचालक श्री पवन देवांगन ने अपने उद्बोधन में बतलाया कि हमारे बीच उपस्थित श्री ए.आर.केसी सर ना केवल प्रसिद्ध शिक्षाविद हैं,अपितु मास्टर ट्रेनर के रूप में विगत 32 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान दें रहें I अब तक थाईलैंड,बैंकाक,दुबई,श्रीलंका जैसे 06 देशों में अपने अनुभवों क़ो साझा कर बाल मनोविज्ञान पर निरतंर कार्य कर रहें है I प्रो.केसी सर ने एकदिवसीय प्रशिक्षण को तीन चरण में विभाजित कर पूर्ण किया I प्रथम चरण में उन्होंने शिक्षक-शिक्षकाओं को विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम को सुधारने के लिए,बच्चों में परीक्षा के भय क़ो दूर करने तथा बच्चों को परीक्षा के लिए प्रेरित करने के लिए 8-डी मॉडल का विशेष व्याख्यान दिया जिसके अंतर्गत बच्चों में असंभव सपना,कल्पना को साकार करने के लिए दिशा तय करना,सफलता के लिए अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बतलाया कि हम शिक्षको को बच्चों की शिकायत,आलोचना एवं अन्य बच्चों से तुलना करना जैसे आदतों से बचना चाहिए I द्वितीय चरण में शिक्षण कौशल के अंतर्गत KASH मॉडल के द्वारा शिक्षकों को कार्य के प्रति प्रेरित करके स्वयं के शैक्षणिक विकास कर बच्चों के सर्वांगीण विकास पर बल दिया I शिक्षको को निरंतर नए-नए ज्ञान अर्जित कर,युग प्रवर्तक के अनुसार अपना नज़रिया बदल कर विभिन्न कौशल दक्षता को पाने का तरीका सिखाया गया I तृतीय चरण में विद्यालय का सर्वांगीण विकास कैसे किया जा सकता है विषय पर चर्चा करते हुए बताए की विधार्थी-शिक्षक-मैनेजमेंट ही विद्यालय के आधार होते हैं I जिनमें सर्वोपरि विधार्थी ही हैँ I जिन पर हमें विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती हैँ I बच्चों में अच्छी आदतों, समय की महत्ता जैसे गुण विकसित करने होंगे I क्यूंकि बच्चे हो या बड़े एक बार में कुछ सीखा नहीं जाता I बाल मनोविज्ञान के द्वारा बच्चों की मानसिक दशा को समझ कर उनके विकास पर प्रकाश डाला गया I विकास के तीन चरण को मॉडल के द्वारा प्रदर्शन कर, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी कार्य,प्रतियोगिता,ब्लैकबोर्ड प्रदर्शन, शिक्षकों का मनोविचार परिचर्चा इत्यादि द्वारा विद्यालय के लगभग120 शिक्षक शिक्षिकाओ को प्रशिक्षित किया गया I विद्यालय के प्राचार्य श्री एस.एल.नापित द्वारा प्रो. ट्रेनर केसी सर का आभार प्रदर्शित कर धन्यवाद दिया और विश्वास दिलाया कि निश्चित रूप से आपके द्वारा दिए गए मॉडल और प्रशिक्षण से भविष्य में हमारे विद्यालय के सर्वांगीण विकास में बहुमूल्य योगदान मिलेगा I

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