Ro no D15139/23

CM विष्णुदेव साय के मीडिया सलाहकार आर कृष्णा दास, संवाद नीति और रणनीतिक दिशा में नए बदलाव की शुरुआत

रायपुर/ छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक अहम और सकारात्मक संकेत देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने वरिष्ठ पत्रकार आर. कृष्णदास को अपना सलाहकार नियुक्त किया है। यह नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि सरकार की कार्यशैली, संवाद नीति और रणनीतिक दिशा में नए बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है।

आर. कृष्णदास अब मुख्यमंत्री को मीडिया एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन देंगे। उनकी छवि एक ऐसे अनुभवी व्यक्ति की है, जो बात को सधे शब्दों में, साफ सोच के साथ और संतुलित तरीके से रखने में माहिर हैं। आर. कृष्णदास का नाम उन पत्रकारों में आता है, जिन्होंने लंबे समय तक राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दी हैं। द टेलीग्राफ, द हितवाद और बिजनेस स्टैंडर्ड जैसे बड़े अखबारों में कार्य करने का अनुभव उनके व्यक्तित्व और पेशेवर समझ को और व्यापक बनाता है। उनके पास सिर्फ खबरों की जानकारी नहीं, बल्कि समाज, राजनीति और प्रशासन की परतों को समझने की क्षमता भी है और यही गुण आज किसी भी सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

श्री कृष्णदास के बारे में सबसे खास बात यह है कि वे मृदुभाषी और अत्यंत विनम्र हैं। उनकी विनम्रता इतनी सहज है कि उनसे मिलने वाला व्यक्ति तुरंत प्रभावित हो जाता है। आज के समय में जहां संवाद अक्सर टकराव में बदल जाता है, वहां आर. कृष्णदास जैसे लोग संवाद को “प्राथमिकता” देकर सहमति और समन्वय के रास्ते खोलते हैं। वैचारिक मतभेद होने के बावजूद, वे रिश्तों और संवाद को टूटने नहीं देते यह गुण राजनीति में बहुत कम लोगों में दिखता है।
उनकी पृष्ठभूमि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी है। यह पक्ष उनकी भूमिका को और प्रभावशाली बनाता है क्योंकि सरकार और संघ परिवार के बीच बेहतर समन्वय के कार्य में वे स्वाभाविक रूप से एक मजबूत कड़ी साबित हो सकते हैं। ऐसे दौर में जब सरकार को संगठन, समाज और मीडिया तीनों के बीच संतुलन बनाकर चलना पड़ता है, तब आर. कृष्णदास जैसी नियुक्ति सरकार को स्थिरता और स्पष्ट दिशा दे सकती है।
श्री कृष्णदास की नियुक्ति को लेकर यह मानना गलत नहीं होगा कि आने वाले समय में सरकार के निर्णयों की शैली में भी कुछ बदलाव दिख सकता है। बीते दो वर्षों में विष्णुदेव साय सरकार ने कई निर्णय लिए जो जनहितकारी तो रहे, लेकिन कई बार वे कठोर भी लगे। उन्हें एक तरह से “कड़वी दवा” कहा जा सकता है जो जरूरी, लेकिन जनता को तत्काल राहत देने वाले नहीं थे।
अब जब सरकार के पास दो वर्ष का अनुभव है, और मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक व राजनीतिक स्तर पर हर व्यक्ति का चाल-चरित्र और कामकाज देख-परख लिया हैm ऐसे में यह संभावना प्रबल हो जाती है कि सरकार अब एक नई रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकारों में पहले से भाजपा पत्रिका ‘दीपकमल’ के संपादक और राष्ट्रवादी पत्रकार पंकज झा भी शामिल हैं। उनका काम करने का अपना एक अलग अंदाज है और उनकी एक खास छाप भी मानी जाती है। अब आर. कृष्णदास और पंकज झा ये दोनों सलाहकार अपने-अपने क्षेत्र के महारथी हैं। एक तरफ जहां पंकज झा राजनीतिक संचार और संगठनात्मक दृष्टि रखते हैं, वहीं आर. कृष्णदास संवाद, संतुलन और पत्रकारिता-आधारित समझ के साथ सरकार को नई धार दे सकते हैं।
किसी भी सरकार की सबसे बड़ी चुनौती केवल योजना बनाना नहीं होती बल्कि उस योजना को जनता तक भरोसे के साथ पहुंचाना, और जनता की आवाज को सरकार तक ईमानदारी से लाना भी होता है। आर. कृष्णदास की नियुक्ति इसी दिशा में एक मजबूत कदम है। उनका पत्रकारों के साथ अच्छा समन्वय है और वे संवाद को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में स्पष्ट है कि वे सरकार और मीडिया के बीच एक विश्वसनीय पुल बनकर उभर सकते हैं। यह नियुक्ति मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को निश्चित रूप से ताकत प्रदान करेगी।
आज राजनीति में सिर्फ सत्ता नहीं, बल्कि छवि, संवाद, निर्णय और दिशा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। आर. कृष्णदास जैसे अनुभवी व्यक्ति का सलाहकार बनना बताता है कि मुख्यमंत्री आने वाले समय में सरकार को अधिक व्यवस्थित, अधिक प्रभावी और अधिक संवादात्मक शैली में चलाने के लिए तैयार हैं।
आर. कृष्णदास को इस नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए यह उम्मीद की जा सकती है कि वे मुख्यमंत्री की टीम का मजबूत स्तंभ बनकर सरकार की छवि को निखारने में सहायक सिद्ध होंगे। कुल मिलाकर, यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अब ऐसे सलाहकारों की टीम तैयार की है, जो आने वाले समय में सरकार के कामकाज में नई धार, नई रणनीति और जनता से बेहतर संवाद को आकार देंगे। छत्तीसगढ़ में अब “भाजपा सरकार के नए दौर” की पटकथा लिखी जा रही है और यह नियुक्ति उसका पहला मजबूत संकेत है।
@ देवेंद्र किशोर गुप्ता – पत्रकार एवं राजनैतिक विश्लेषक
R Krishna Das पंकज कुमार झा CMO Chhattisgarh

  • Related Posts

    स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप, फुल ड्रेस रिहर्सल सम्पन्न

      सीएसईबी फुटबॉल ग्राउंड में मुख्य समारोह की प्रत्येक गतिविधि का समयबद्ध एवं अनुशासित अभ्यास ओज, उमंग और देशभक्ति से सजेगा स्वतंत्रता दिवस का भव्य समारोह कोरबा, 13 अगस्त 2026/…

    Read more

    स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता पर  स्वास्थ्य   मंत्री ने दिए निर्देश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्यामबिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई समीक्षा बैठक

     स्व बिसाहू दास महंत स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की स्वशासी समिति की बैठक आयोजित कोरबा, 13 अगस्त 2026/लोक  स्वास्थ्य   एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा  शिक्षा  , पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग मंत्री …

    Read more

    NATIONAL

    होर्मुज पर ट्रंप की ‘स्टील की दीवार’ वाले दावे को ईरान ने नकारा, कहा- शर्तें माने अमेरिका तभी खुलेगा रास्ता

    होर्मुज पर ट्रंप की ‘स्टील की दीवार’ वाले दावे को ईरान ने नकारा, कहा- शर्तें माने अमेरिका तभी खुलेगा रास्ता

    2007 वाला करिश्मा दोहराएंगी मायावती? यूपी में अखिलेश-योगी के बीच BSP का ‘कमबैक प्लान’ तैयार!

    2007 वाला करिश्मा दोहराएंगी मायावती? यूपी में अखिलेश-योगी के बीच BSP का ‘कमबैक प्लान’ तैयार!

    रवि किशन के ‘मौन व्रत’ पर CM योगी की चुटकी, दावत का जिक्र कर मंच से पूछ लिया ऐसा सवाल… सब रह गए हैरान

    रवि किशन के ‘मौन व्रत’ पर CM योगी की चुटकी, दावत का जिक्र कर मंच से पूछ लिया ऐसा सवाल… सब रह गए हैरान

    रात 9 बजकर 04 मिनट से शुरू होगा सूर्य ग्रहण, जानिए कहां और कैसे दिखेगा यह दुर्लभ नजारा!

    रात 9 बजकर 04 मिनट से शुरू होगा सूर्य ग्रहण, जानिए कहां और कैसे दिखेगा यह दुर्लभ नजारा!

    TRAI ने बढ़ाया 1601 नंबर सीरीज का दायरा, बिजली-पानी से लेकर कूरियर कंपनियों को मिलेगा खास नंबर

    TRAI ने बढ़ाया 1601 नंबर सीरीज का दायरा, बिजली-पानी से लेकर कूरियर कंपनियों को मिलेगा खास नंबर

    जब दिल्ली के मंच पर जीवंत हुई छत्तीसगढ़ की पंडवानी परंपरा इंडिया हैबिटेट सेंटर में छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा का रंग, पांडवानी ने बांधा समां

    जब दिल्ली के मंच पर जीवंत हुई छत्तीसगढ़ की पंडवानी परंपरा  इंडिया हैबिटेट सेंटर में छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा का रंग, पांडवानी ने बांधा समां