
कलेक्टर की चौपाल: उरपुटी में विकास, विश्वास और सहभागिता का सशक्त संदेश
धमतरी, 4 अप्रैल 2026। डुबान प्रभावित ग्राम उरपुटी में शुक्रवार को जिला कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों से आत्मीय और सार्थक संवाद किया। इस जनसंवाद में उन्होंने गांव के समग्र विकास से जुड़े मुद्दों पर ग्रामीणों की समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं गंभीरता से सुनीं तथा समाधान की दिशा में त्वरित पहल का भरोसा दिलाया।
चौपाल के दौरान कलेक्टर श्री मिश्रा ने ग्रामीणों के बीच बैठकर आजीविका, मूलभूत सुविधाएं, बिजली, पेयजल, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए विद्युत आपूर्ति, सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण, परिवहन सुविधा, धान खरीदी केंद्र की दूरी सहित शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं—जैसे महतारी वंदन योजना एवं भूमिहीन कृषि मजदूर योजना—के क्रियान्वयन की जानकारी ली।
स्थानीय आजीविका को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर ने तेंदूपत्ता, महुआ संग्रहण और मछली पालन की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया तथा इन क्षेत्रों में और बेहतर संभावनाओं को विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ दलहन एवं तिलहन फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि फसल विविधीकरण से न केवल आय में वृद्धि होगी, बल्कि कृषि जोखिम भी कम होगा।
ग्राम सरपंच द्वारा मछली पालन के लिए नाव, जाल और अन्य संसाधनों की आवश्यकता रखने पर कलेक्टर ने मत्स्य एवं कृषि विभाग को निर्देश दिए कि पात्र मछुआरों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं और इच्छुक किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) प्रकरण प्राथमिकता से तैयार किए जाएं। उन्होंने समूह आधारित मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की बात कही, जिससे सामूहिक आय में वृद्धि संभव हो सके।
वन संसाधनों की उपलब्धता को देखते हुए कलेक्टर श्री मिश्रा ने बकरी पालन को एक प्रभावी आजीविका विकल्प बताते हुए पशुपालन विभाग को प्रशिक्षण और आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों के अनुरूप आजीविका के मॉडल विकसित करना ही स्थायी विकास की कुंजी है।
शिक्षा के क्षेत्र में समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि गांव में केवल आठवीं तक स्कूल संचालित है। उच्च कक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को लगभग 5 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इस पर कलेक्टर ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए परिवहन और अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि शिक्षा में कोई बाधा न आए।
महिला सशक्तिकरण को विकास का आधार बताते हुए कलेक्टर ने स्वयं सहायता समूहों की सक्रियता की सराहना की और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी से गांव की आर्थिक और सामाजिक संरचना को मजबूती मिलती है।
बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत व्यापक जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इच्छुक परिवारों के घरों में सोलर प्लांट स्थापना की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ कर एक माह के भीतर ठोस परिणाम सुनिश्चित किए जाएंगे।
इसके साथ ही पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने, नाली निर्माण के माध्यम से जल निकासी व्यवस्था सुधारने तथा स्वच्छता बनाए रखने हेतु पंचायत विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए। गांव तक पहुंच मार्ग में पुल निर्माण की मांग पर कलेक्टर ने संबंधित विभाग को प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि डुबान प्रभावित क्षेत्रों का समग्र विकास प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
चौपाल का यह संवाद न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम बना, बल्कि प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विश्वास और सहभागिता को भी मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।









