
अंबिकापुर 20 फरवरी 2026/ कलेक्टर अजीत वसंत की अध्यक्षता में जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना, अपार आईडी, आभा आईडी, पूरक पोषण आहार वितरण, घरेलू हिंसा प्रकरण, बाल देखरेख संस्थाएं, स्पॉन्सरशिप कार्यक्रम, मुख्यमंत्री उदय योजना, बाल विवाह रोकथाम सहित अन्य विभागीय योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री वसंत ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करें। साथ ही विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित मॉनिटरिंग करने करने को कहा।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में तेजी लाने के निर्देश
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों की जानकारी ली और पंजीयन, सत्यापन एवं भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र गर्भवती एवं धात्री माता योजना से वंचित न रहे। सेक्टर सुपरवाइजरों को आगामी समीक्षा बैठक तक ठोस प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
महतारी वंदन योजना में शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने पर जोर
महतारी वंदन योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पात्र हितग्राहियों की अद्यतन सूची तैयार करने के निर्देश दिए। मृत, पलायन, गुमशुदा एवं आधार संशोधन संबंधी प्रकरणों का सत्यापन कर वास्तविक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने को कहा गया। सभी सीडीपीओ को पारदर्शिता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
अपार आईडी एवं आभा आईडी निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में बच्चों के अपार आईडी निर्माण की स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिन बच्चों के पास आधार उपलब्ध है, उनकी अपार आईडी शीघ्र बनाई जाए तथा आगामी एक माह में उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित की जाए। इसी प्रकार आभा आईडी निर्माण की समीक्षा करते हुए विशेष रूप से शहरी परियोजना क्षेत्र में और बेहतर प्रदर्शन करने के निर्देश दिए गए।
पूरक पोषण आहार एवं कुपोषण नियंत्रण पर गंभीरता
कलेक्टर ने पूरक पोषण आहार वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता एवं नियमितता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने तथा उनकी नियमित फॉलोअप मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुपोषण नियंत्रण शासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
घरेलू हिंसा एवं बाल संरक्षण से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा
बैठक में घरेलू हिंसा से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि पीड़ित महिलाओं को त्वरित सहायता एवं विधिक परामर्श उपलब्ध कराया जाए। बाल देखरेख संस्थाओं के संचालन, वहां निवासरत बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा एवं पोषण की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण एवं मानकों के पालन के निर्देश दिए गए।
स्पॉन्सरशिप कार्यक्रम एवं मुख्यमंत्री उदय योजना
स्पॉन्सरशिप कार्यक्रम के अंतर्गत जरूरतमंद बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पात्र बच्चों की पहचान कर समय पर सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री उदय योजना के क्रियान्वयन में भी लक्ष्य अनुरूप प्रगति लाने पर जोर दिया गया।
बाल विवाह रोकथाम पर सतत निगरानी के निर्देश
कलेक्टर ने बाल विवाह रोकथाम के लिए सतत निगरानी रखने तथा ग्राम स्तर पर जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संभावित बाल विवाह की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय बना रहे।
आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
कलेक्टर ने सभी आंगनबाड़ी केंद्र समय पर संचालित हों, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के नियुक्ति प्रक्रिया में नियुक्ति प्रक्रिया में शासन के नियमअनुसार पूर्ण पारदर्शिता रखने को कहा गया। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री जे.आर. प्रधान, सभी सीडीपीओ, सेक्टर सुपरवाइजर एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।








