
रायपुर । 3.71 लाख हेक्टेयर कुल उत्पादक बांस वन क्षेत्र।
मुख्यमंत्री ने बाजार में ज्यादा कीमत पर विक्रय होने वाली बांस की प्रजातियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
बांस वन आधारित आजीविका को बढ़ावा दिया जाए।
विशेष पिछडी जनजातियों की आय का मुख्य साधन बांस और उस से बने उत्पाद।
राज्य में 28 बांस प्रसंस्करण केंद्रों को सक्रिय करना है।
बांस शिल्पकारों को मार्केट से संपर्क स्थापित करने में सहयोग करना है।
जनजातीय परिवारों को बाजार की मांग के अनुसार प्रशिक्षण देन।
एक पेड़ मां के नाम अभियान में दो वर्षों में 6 करोड़ से अधिक पौधों का हुआ रोपण।
माइक्रो अर्बन फॉरेस्ट वृक्षारोपण की हुई शुरुआत।
इकोटूरिज्म में आजीविका के बड़े साधन छुपे हुए हैं।
राज्य में 240 नैसर्गिक पर्यटन केंद्र हैं, बड़ी संख्या में इनसे स्थानीय युवाओं और लोगों को वर्ष भर रोजगार प्राप्त होता है।
इनसे अप्रत्यक्ष रूप से लगभग दो हज़ार परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।








