
Deoghar News: पुरुषोत्तम मास का पहला तेरस गुरुवार को पड़ रहा है. इस विशेष अवसर पर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है. तेरस को लेकर बाबा नगरी में आध्यात्मिक माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर पहुंच रहे हैं. कई श्रद्धालु बुधवार रात से ही बाबा मंदिर के आसपास डेरा जमाए हुए हैं, ताकि गुरुवार सुबह जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर सकें.
तेरस पर शिव पूजा का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की आराधना के लिए अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है. इस माह में आने वाली तेरस तिथि का महत्व और अधिक बढ़ जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक, व्रत, जप और दान करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है तथा सुख-समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है. श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ को जल, बेलपत्र, धतूरा, दूध और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे. स्थानीय पंडितों के अनुसार पुरुषोत्तम मास में की गई पूजा कई गुना फलदायी मानी जाती है. यही वजह है कि इस अवसर पर दूर-दराज से श्रद्धालु बाबा नगरी पहुंचते हैं.
मंदिर परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए बाबा मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. मंदिर परिसर में सुरक्षा और सुविधा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. मंदिर प्रशासन की ओर से कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था को मजबूत किया गया है. श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, चिकित्सा और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि दर्शन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो. वहीं भीड़ नियंत्रण को लेकर पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त जवानों की तैनाती का फैसला लिया है. मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाएगी.
श्रद्धालु करेंगे जलाभिषेक और विशेष पूजा
तेरस के अवसर पर श्रद्धालु सुबह से ही बाबा मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक करेंगे. कई भक्त सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर देवघर पहुंचे हैं और बाबा भोलेनाथ को अर्पित करेंगे. मंदिर परिसर में दिनभर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे गूंजते रहेंगे. कई श्रद्धालु उपवास रखकर भगवान शिव की आराधना करेंगे और रात्रि में दीपदान, भजन-कीर्तन तथा धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेंगे.
पुरुषोत्तम मास में बढ़ जाती है धार्मिक आस्था
धार्मिक ग्रंथों में पुरुषोत्तम मास को विशेष पुण्य का महीना माना गया है. इस दौरान लोग पूजा-पाठ, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों में अधिक रुचि लेते हैं. देवघर आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि पुरुषोत्तम मास में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
स्थानीय कारोबार में भी आई रौनक
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से देवघर के स्थानीय बाजारों और छोटे कारोबारियों में भी उत्साह देखा जा रहा है. पूजा सामग्री, फूल-माला, प्रसाद और धार्मिक वस्तुओं की दुकानों पर सुबह से ही भीड़ लगी रही. होटल, धर्मशाला और वाहन चालकों को भी श्रद्धालुओं की भीड़ का लाभ मिल रहा है. व्यापारियों का कहना है कि पुरुषोत्तम मास और तेरस के अवसर पर हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलता है.
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की अपील
जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समिति ने श्रद्धालुओं से सहयोग और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है. प्रशासन ने कहा है कि श्रद्धालु कतारबद्ध तरीके से दर्शन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें. साथ ही लोगों से गर्मी को देखते हुए पर्याप्त पानी पीने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतने की भी अपील की गई है, ताकि पूजा-अर्चना के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो.









