
जगदलपुर, 14 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में बनी ग्राम पंचायत पिपलावंड मारीपारा की नई आंगनबाड़ी इमारत ग्रामीण विकास और सामुदायिक सशक्तिकरण की एक शानदार मिसाल है। यह परियोजना दर्शाती है कि कैसे बुनियादी ढांचे का सही नियोजन और मनरेगा के तहत किया गया कार्य प्रारंभिक बचपन की शिक्षा के लिए जीवंत, आकर्षक और सुरक्षित स्थान बना सकता है।
पूर्व में आंगनबाड़ी की स्थिति अत्यंत ही जर्जर थी जिसमे बच्चों को पढाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था ग्राम पंचायत के द्वारा नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य की स्वीकृति हेतु कार्यालय जनपद पंचायत बस्तर से समन्वय कर स्वीकृति हेतु आवेदन किया गया तपश्चात विभागों से समन्वय कर वर्ष 2024-25 ग्राम पंचायत पिपलावंड में यह आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य की कुल प्रशासनिक स्वीकृति, 11.69 लाख रुपये की दी गई । जिसमे मनरेगा से 8 लाख रूपए, महिला एवं बाल विकास विभाग से 2 लाख रूपए एवं गौड़ खनिज से 1.69 लाख रूपए के बजट और इस महत्वपूर्ण सामुदायिक संपत्ति को साकार करने के लिए स्वीकृति प्रदान की गयी ।
आकर्षक और शिक्षाप्रद बाहरी परिसर है जिसकी पहली झलक ही बच्चों को प्रेरित करने के लिए काफी है। भवन का बाहरी हिस्सा साफ, रंगीन और शिक्षाप्रद तत्वों से जुड़ा हुआ है। हिंदी वर्णमाला (क, ख, ग) और अंग्रेजी अक्षरों (A, B,C) को सौधे वास्तुशिल्प डिजाइन में उकेरा गया है, जो यह संदेश देता है कि यह सीखने और आगे बढ़ने का स्थान है। प्रेरक प्रांगण है, जहां सुंदर वॉल पेटिंग और मिति चित्रर्ग का उपयोग किया गया है। अल्फाबेट ट्री और खेलते-पढ़ते बच्चों के चित्र स्थानीय माताओं और बच्चों के लिए एक खुशनुमा और स्वागत योग्य माहौल बनाते हैं। यहाँ कुल 22 बच्चे पंजीकृत है जो प्रतिदिवस अपनी शिक्षा ग्रहण करते हैं।
मारीपारा आंगनबाड़ी का असली जादू इसके अंदरूनी हिस्से में है। बुनियादी ढांचे के विकास की निरंतर निगरानी और शिक्षापद भित्तिचित्र तथा इंटरैक्टिव शिक्षण सामग्री पर विशेष ध्यान देने से यह कमरा एक गतिशील कक्षा में बदल गया है। दीवारी का उपयोग बुनियादी शिक्षा के लिए बेहतरीन तरीके से किया गया है। सचित्र हिन्दी वर्णमाला और अंग्रेजी अल्फाबेट के विस्तृत चार्ट स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं, जो कम उम से ही बच्ची को अक्षरों का जान देते हैं। अन्य व्यावहारिक तत्वों में बच्चों की लंबाई मापने के लिए बनाया गया एक आकर्षक पेड़ और संख्यात्मक कौशल को मजबूत करने के लिए 1 से 100 तक की सीधी गिनती का चार्ट शामिल है।
सामुदायिक प्रभाव
आंगनबाड़ी भवन ग्राम पंचायत पिपलावंड मारीपारा समुदाय के उत्साह और सक्रिय भागीदारी को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। बच्चे अपनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ गोल घेरे में बैठकर पूरी लगन से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। संसाधनों के सही उपयोग और बाल विकास के स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ, मारीपारा आंगनबाड़ी केंद्र अब केवल एक इमारत नहीं रह गया हैय यह बस्तर में आने वाली पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक मजबूत नींव बन गया है।









