
अम्बिकापुर 03 जुलाई 2026/ सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत सरगुजा जिले के ग्राम मेंड्राकला में कृषि विभाग एवं इफको (IFFCO) के द्वारा संयुक्त तत्वावधान में कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। 29 जून से 06 जुलाई तक मनाए जा रहे सहकारिता सप्ताह के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, नैनो उर्वरकों के उपयोग, सहकारिता के महत्व एवं शासन की विभिन्न कृषि हितैषी योजनाओं की जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सरगुजा के अध्यक्ष श्री रामकिशुन सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सहकारी संस्थाएं किसानों की रीढ़ हैं। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों से सहकारी संस्थाओं की सदस्यता ग्रहण करने तथा सहकारी समितियों एवं सहकारी बैंकों के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक खेती तथा नैनो उर्वरकों को अपनाकर कृषि लागत कम करने के साथ-साथ मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सरगुजा के उपाध्यक्ष श्री जगदीश साहू ने सहकारिता की भावना को किसानों की समृद्धि का आधार बताते हुए सहकार से विकास की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सरगुजा के विशेष कार्यपालन अधिकारी श्री आशीष चंद्राकर, सहकारी संस्थाओं के सहायक आयुक्त श्री पैंकरा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (एसएडीओ) श्री जे. आलम तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के विपणन अधिकारी श्री के.पी. सिंह बाला भी उपस्थित रहे।
इफको के क्षेत्रीय अधिकारी श्री भूपेंद्र पाटीदार ने किसानों को नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के वैज्ञानिक उपयोग, उनके लाभ, लागत में कमी, फसल उत्पादकता में वृद्धि तथा कृषि ड्रोन के माध्यम से नैनो उर्वरकों के छिड़काव की आधुनिक तकनीक की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से परिवहन में सुविधा, उर्वरकों की बचत तथा पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के विपणन अधिकारी श्री के.पी. सिंह बाला ने किसानों को बैंक द्वारा संचालित विभिन्न ऋण एवं वित्तीय सुविधाओं की जानकारी दी। वहीं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री जे. आलम ने मृदा परीक्षण के महत्व, संतुलित उर्वरक प्रबंधन तथा वैज्ञानिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में इफको के विशेष उर्वरक सहायक श्री वरुण मिश्रा ने सागरिका, जल में विलेय उर्वरकों एवं कंसोर्टिया के उपयोग तथा उनसे किसानों को होने वाले लाभों पर विस्तृत जानकारी दी।
संगोष्ठी के दौरान किसानों की कृषि एवं उर्वरक संबंधी जिज्ञासाओं का विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया। कार्यक्रम के अंत में समिति प्रबंधक श्री सुरेश सिंह ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित किसानों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।









