
अम्बिकापुर 1 अगस्त 2026/ किसानों की आय में वृद्धि, खेती की लागत में कमी तथा मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (मोटा अनाज) के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड बतौली के ग्राम गहिला निवासी किसान नेतराम को मक्का प्रदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत निरूशुल्क उन्नत किस्म का मक्का बीज उपलब्ध कराया गया, जिससे वे काफी संतुष्ट हैं। किसान का कहना है कि शासन की इस पहल से खेती करना पहले की तुलना में अधिक आसान और लाभकारी बन रहा है।
नेतराम ने बताया कि उनके पास लगभग 2.60 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिस पर वे नियमित रूप से खेती करते हैं। खेती ही उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख आधार है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में कृषि विभाग, बतौली द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (मोटा अनाज) योजना के अंतर्गत आयोजित मक्का प्रदर्शन कार्यक्रम के लिए उन्हें निर्धारित मानक के अनुसार 15 किलोग्राम उन्नत किस्म का मक्का बीज निशुल्क उपलब्ध कराया गया।
उन्होंने कहा कि उन्नत बीज उपलब्ध होने से अच्छी गुणवत्ता की फसल लेने में सहायता मिलेगी। साथ ही बीज खरीदने पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी बच गया, जिससे खेती की लागत में कमी आई है। उनका मानना है कि यदि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक एवं तकनीकी मार्गदर्शन मिलता रहे तो कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है और किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
नेतराम ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा उन्हें बीज वितरण के साथ-साथ मक्का की उन्नत खेती, बुवाई की विधि, बीज उपचार, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा फसल प्रबंधन संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी गई। इससे उन्हें वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की प्रेरणा मिली है और बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। समय पर मिलने वाली सहायता से किसानों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए भी प्रेरित हो रहे हैं।
किसान नेतराम ने इस किसान हितैषी योजना के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार एवं कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने तथा मोटे अनाजों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आधुनिक एवं वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने की अपील की।









