
राज्य शासन द्वारा चालू वर्ष में धान खरीदी व्यवस्था को अधिक सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए किए गए प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव में दिखाई देने लगा है। धान बेचने पहुंचे किसानों ने बताया कि इस बार खरीदी केंद्रों में समय पर तौल, भुगतान की विश्वसनीय व्यवस्था और सुविधाओं में सुधार के कारण काफी सहूलियत मिल रही है।
जिले के बकावण्ड विकासखण्ड अंतर्गत मूली धान खरीदी केन्द्र में कुम्हरावण्ड निवासी किसान लखीराम ने कहा कि शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की स्पष्ट व्यवस्था, टोकन प्रणाली का बेहतर संचालन और खरीदी केंद्रों में स्टाफ की उपलब्धता ने प्रक्रिया को पहले की तुलना में काफी सुगम बना दिया है। इसके कारण किसानों को समय की बचत के साथ-साथ आर्थिक सुरक्षा का भरोसा भी मिल रहा है। उन्होंने 60 क्विंटल धान विक्रय करने टोकन कटवाने की बात कही।
कुम्हरावण्ड निवासी कृषक दलपति कश्यप ने बताया कि वह 27 नवम्बर को 60 क्विंटल धान बेचने के लिए टोकन लिया था और गुरुवार को सुबह धान लेकर धान खरीदी केन्द्र पहुंचा है। यहां तौल करवाने के लिए बारदाने सहित हमाल भी उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि किसानों के लिए पेयजल और बैठने की व्यवस्था भी है। इसी तरह कुम्हरावण्ड निवासी मंगली कश्यप ने भी धान खरीदी केन्द्र की व्यवस्था को पर्याप्त निरूपित किया। उन्होंने बताया कि करीब 10 एकड़ कृषि भूमि में धान की फसल लेते हैं इस साल भी अच्छी पैदावार से भरपूर उत्पादन मिली है। धान खरीदी केन्द्र में 116 क्विंटल धान विक्रय करने लाए हैं। मंगली बताती हैं कि खेत में स्वयं के नलकूप की सहायता से अब रबी सीजन में ढाई एकड़ रकबा में मक्का की फसल लेने खेत की तैयारी कर रहे हैं।
मूली के धान खरीदी केन्द्र प्रभारी श्री एमआर भद्रे ने बताया कि इस वर्ष खरीदी सीजन में पर्याप्त बारदाना, परिवहन व्यवस्था और अन्य व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वहीं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किसानों को उनके धान की तौल और भुगतान की पूरी पारदर्शी जानकारी उपलब्ध हो रही है। उन्होंने बताया कि इस धान खरीदी केन्द्र में बोरीगांव, बारदा, कुम्हरावण्ड, किंजोली, चापापदर, मूली, चिखल करमरी तथा करंजी के कुल 865 किसानों ने धान विक्रय के लिए पंजीयन करवाया है।








