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सुशासन तिहार 2026 – किसानों के लिए राहत का माध्यम जनसमस्या निवारण शिविर में  शांति लाल कंवर को मिला किसान क्रेडिट कार्ड’ खेती-किसानी के कार्य होंगे अब और आसान

 कोरबा, 14 मई 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में सुशासन तिहार 2026 आमजनों की समस्याओं के त्वरित, संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण का प्रभावी अभियान बनकर उभरा है। शासन की मंशानुरूप जिला प्रशासन कोरबा द्वारा भी जिले के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक पहुंचकर नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से लोगों को विभिन्न विभागीय योजनाओं और सुविधाओं का लाभ सहजता से मिल रहा है, जिससे आमजन में शासन के प्रति विश्वास और संतोष का वातावरण निर्मित हुआ है।

इसी क्रम में जनपद पंचायत कोरबा अंतर्गत ग्राम केराकछार निवासी वृद्ध कृषक श्री शांति लाल कंवर भी अपनी समस्या लेकर आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर केराकछार में पहुंचे। श्री कंवर लंबे समय से खेती-किसानी से जुड़े हुए हैं और लगभग तीन एकड़ कृषि भूमि में धान की खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। कृषि ही उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख साधन है तथा परिवार के सदस्य भी खेती कार्यों में उनका सहयोग करते हैं।
खेती से जुड़े विभिन्न कार्यों एवं आवश्यक आर्थिक जरूरतों के लिए उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड की आवश्यकता महसूस हो रही थी। किसान क्रेडिट कार्ड नहीं होने के कारण उन्हें कई प्रक्रियाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने अपनी समस्या शिविर में उपस्थित अधिकारियों के समक्ष रखी, जिस पर कृषि विभाग द्वारा त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर मौके पर ही उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराया गया।
लंबे समय से चली आ रही समस्या का त्वरित समाधान होने पर श्री शांति लाल कंवर के चेहरे पर संतोष और राहत साफ दिखाई दी। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड मिलने से अब उन्हें खेती-किसानी से जुड़े कार्यों में काफी सुविधा होगी। धान विक्रय, कृषि निवेश तथा अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं अब अधिक सरल, सुगम और समयबद्ध तरीके से पूरी हो सकेंगी। इससे खेती कार्यों को आगे बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं का निराकरण अब सीधे गांवों में ही हो रहा है, जिससे लोगों को राहत मिल रही है।
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