Ro no D15139/23

बस्तर में स्वास्थ्य अभियान ने पकड़ी रफ्तार, दूरस्थ अंचलों तक बढ़ा भरोसा

 

10 दिनों में 6.39 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग, दुर्गम अंचलों तक पहुंचीं टीमें; हजारों मरीजों को मिला निःशुल्क उपचार

*दुर्गम वनांचलों तक पहुंची स्वास्थ्य टीमों ने गंभीर बीमारियों की पहचान कर समय पर इलाज सुनिश्चित किया*

*मोबाइल यूनिट्स और स्वास्थ्य शिविरों के जरिए अब कठिन क्षेत्रों में भी मिल रही नियमित चिकित्सा सेवाएं*

रायपुर, 23 अप्रैल 2026/
बस्तर संभाग के घने जंगलों, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों और दूरस्थ बसाहटों में अब स्वास्थ्य सेवाओं की दस्तक साफ महसूस की जा रही है। जहां कभी इलाज के लिए लंबी दूरी और अनिश्चितता ही विकल्प थी, वहां अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें खुद लोगों के द्वार तक पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के दस दिन पूरे होते-होते यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में सफल हो रही है, बल्कि सुदूर अंचलों में रहने वाले लोगों के मन में भरोसे की नई किरण भी जगा रही है।

अभियान के तहत अब तक 6.39 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। बड़ी संख्या में मरीजों को मौके पर ही निःशुल्क दवा और उपचार उपलब्ध कराया गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में तत्काल राहत मिली है। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को प्राथमिकता के साथ चिन्हित कर त्वरित रेफरल की व्यवस्था की गई है। अब तक 8055 मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में भेजकर विशेषज्ञ उपचार सुनिश्चित किया गया है।

जांच के दौरान मलेरिया के 1125, टीबी के 3245, कुष्ठ के 2803, मुख कैंसर के 1999, सिकल सेल के 1527 और मोतियाबिंद के 2496 मामलों की पहचान की गई है। समय पर पहचान और उपचार शुरू होने से इन बीमारियों की जटिलताओं को कम करने में मदद मिल रही है, साथ ही गंभीर स्थितियों को टालने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों तक एक समन्वित व्यवस्था बनाई गई है। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और स्वास्थ्य शिविरों के जरिए उन इलाकों तक भी सेवाएं पहुंच रही हैं, जहां पहले इलाज की सुविधा सीमित थी।

इसके साथ ही लोगों के डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल (आभा) तैयार किए जा रहे हैं, ताकि आगे भी इलाज की निरंतरता बनी रहे और जरूरत पड़ने पर तुरंत स्वास्थ्य जानकारी उपलब्ध हो सके। अब बस्तर के सुदूर गांवों में भी लोग इलाज के लिए लंबी दूरी तय करने को मजबूर नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं खुद उनके द्वार तक पहुंच रही हैं। यही बदलाव इस अभियान को खास बना रहा है।

  • Related Posts

    महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा का सशक्त मॉडल: आधुनिक पोषण आहार यूनिट का शुभारंभ

    हर घर तक पोषण, हर महिला को आत्मनिर्भरता:मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े* रायपुर, 23 अप्रैल 2026 (IMNB NEWS AGENCY) छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा की दिशा में एक और…

    Read more

    खरीफ सीजन 2026 : अनाज, दलहन एवं तिलहन के प्रमाणित बीजों के विक्रय दर निर्धारित

    रायपुर, 23 अप्रैल 2026 (IMNB NEWS AGENCY) छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड द्वारा खरीफ सीजन-2026 के लिए अनाज, दलहन एवं तिलहन फसलों के प्रमाणित एवं आधार बीजों…

    Read more

    NATIONAL

    बंगाल चुनाव 2026: वोटिंग के बीच गरजे पीएम मोदी- झालमुड़ी मैंने खायी, झाल टीएमसी को लगी

    बंगाल चुनाव 2026: वोटिंग के बीच गरजे पीएम मोदी- झालमुड़ी मैंने खायी, झाल टीएमसी को लगी

    ईरान से युद्ध चाहते थे नेतन्याहू: ट्रंप ने की ‘हां’, पर ओबामा, बुश और बाइडन ने क्यों कहा था ‘नो’?

    ईरान से युद्ध चाहते थे नेतन्याहू: ट्रंप ने की ‘हां’, पर ओबामा, बुश और बाइडन ने क्यों कहा था ‘नो’?

    केदारनाथ मंदिर के कपाट खुले, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

    केदारनाथ मंदिर के कपाट खुले, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

    अमित शाह का मिशन बंगाल और बूथ विजय का मास्टरप्लान : 2021 की गलतियों से लिया सबक, अब ‘दीदी ओ दीदी’ नहीं, पन्ना प्रमुखों पर भरोसा

    अमित शाह का मिशन बंगाल और बूथ विजय का मास्टरप्लान : 2021 की गलतियों से लिया सबक, अब ‘दीदी ओ दीदी’ नहीं, पन्ना प्रमुखों पर भरोसा

    कितना बचेगा गांधी परिवार-कानूनी हथकण्डों से,रहा गुलशन तो फूल खिलेंगे-रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे,मछली के नाम पे छली जाएगी जनता ? वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    कितना बचेगा गांधी परिवार-कानूनी हथकण्डों से,रहा गुलशन तो फूल खिलेंगे-रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे,मछली के नाम पे छली जाएगी जनता ? वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    बद्रीनाथ मंदिर के खुलने वाले है कपाट, जानें कब तक होंगे भगवान बद्रीविशाल के भक्तों को दर्शन

    बद्रीनाथ मंदिर के खुलने वाले है कपाट, जानें कब तक होंगे भगवान बद्रीविशाल के भक्तों को दर्शन