
मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए बरतें सावधानी
मलेरिया, डेंगू एवं अन्य मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए नागरिकों से मच्छरदानी का उपयोग करने, पूरी बांह के कपड़े पहनने तथा घर और आसपास जलभराव नहीं होने देने की अपील की गई है। कूलर, पानी की टंकी, गमले, पुराने टायर एवं अन्य पात्रों में जमा पानी को नियमित रूप से खाली करने की सलाह दी गई है, ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार, दस्त, उल्टी, पेट दर्द, कमजोरी, सिरदर्द, शरीर दर्द, पीलिया अथवा अन्य संक्रामक रोगों के लक्षण दिखाई दें तो बिना विलंब किए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परामर्श लें। स्वयं दवा लेने से बचें और चिकित्सक की सलाह अनुसार ही उपचार कराएं। बच्चों में दस्त की स्थिति में ओआरएस घोल एवं जिंक का उपयोग अत्यंत लाभकारी माना गया है।
ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में चल रहा जन-जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आशा कार्यकर्ताओं, मितानिनों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही स्वच्छ पेयजल उपलब्धता, जल स्रोतों की निगरानी, साफ-सफाई तथा रोग नियंत्रण गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले वासियों से अपील की है कि वे स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अपने परिवार एवं समुदाय को मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूक करें तथा किसी भी बीमारी की सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दें। उन्होंने कहा कि जन सहयोग, जागरूकता एवं सतर्कता से ही मौसमी एवं संक्रामक बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।









