
एक बार एक गांव का व्यक्ति बैंक गया वहां बाहर एक पोस्टर लगा था ‘सोने पे लोन, कम ब्याज पर’। वह अंदर गया और बोला ‘बताओ कहां सोना है, कितना सोना है, मुझे लोन चाहिये’।
एक सोना तो ये हो गया जो मन और शरीर को आराम और सुकून देता है। सोकर आदमी तरोताजा हो उठता है।

दूसरा सोना वो होता है जिसे कनक और अंग्रेजी मे गोल्ड कहा जाता है। ये सोना भी मन और शरीर को आराम और सुकून देता है। प्रायः आड़े वक्त पर ये सबसे अच्छा सहयोगी साबित होता है। कभी-कभी इससे जान को खतरा भी हो जाता है।
कनक से कनक अधिक नशीला

‘कनक, कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय, इहि पाए बौराए नर, उही पाए बौराए’ यहां एक कनक वो फूल है जो धतूरा भी कहलाता है और ये मादक यानि नशीला होता है। ये वाला कनक भगवान शंकर को बहुत पसंद है इसलिये इसे भगवान के चरणों में अर्पित करने की प्रथा है।
इसके सूंघने से इंसान पर नशा छा जाता है। ठीक वैसा ही नशा इंसान को दूसरे कनक यानि सोना यानि गोल्ड पाकर भी चढ़ जाता है। सोना यानि सबसे अच्छी संपत्ति यानि धन। जितना अधिक धन उतना अधिक नशा। कहते हैं न इंसान का पैसा सर चढ़कर बोलता है।
1 अप्रैल 2023 के बाद से बिना हालमार्क वाला सोना बिकना बंद हो गया है। निश्चित रूप् से ये ग्राहक को ठगी से बचाएगा। जिनके पास पुराना सोना है वे उसे बेच सकेंगे। इस नियम के साथ ये भी राहत दी गयी है कि ई-गोल्ड को फिजिकल गोल्ड में या फिजिकल को ई में बदलने में कोई भी टैक्स नहीं लगेगा।
सोना महंगा बीबी सस्ती
एक अधेड़ पत्नी अपने अधेड़ पति को हमेशा ताने मारती रही है। पति ताने भी सुनता और कभी पिटता भी। इसलिये कि जब पत्नी नयी-नयी थी तो पत्नी से उसने वादा किया था कि उसे नौलखा हार बनवा कर देगा। ‘
उन दिनों’ में लोग चांद-सितारे लाकर देने की बात करते हैं इस बिचारे ने तो केवल नौलखा हार बोल दिया था।

लेकिन ये क्या…. वक्त के साथ-साथ सोने की कीमत बढ़ती चली गयी और दूसरी ओर बीबी की कीमत उसी अनुपात में घटती चली गयी।
लिहाजा नौलखा तो क्या नौ हजारी हार लेने मे भी पति आनाकानी करने लगा था। नौ हजार भी उसे भारी लगने लगे। ताने सुनना ही उसे सस्ता सौदा लगता था।
हां अपने बचाव में ये तर्क वो जरूर देता था कि भरोसा करो विपक्ष पर।
मोदीजी हटेंगे तो नियम शिथिल होगा
तब बनवा दूंगा नौलखा…
एक दिन जरूर आएगा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे मोदीजी हटेंगे और उनका बनाया कानून भी हटेगा और तब मैं तुम्हें नौलखा दिलवाउंगा।
क्योंकि अभी मोदीजी ने सोना रखने पर रिस्ट्रिक्शन लगा रखा है। शादीशुदा महिला 500 ग्राम, अविवाहित 250 ग्राम और पुरूष केवल 100 ग्राम तक रख सकता है। इसमंे पूछताछ नहीं होगी लेकिन इससे अधिक होने पर गैरकानूनी होगा और स्पष्टीकरण देना होगा।
पत्नी को ये हद पता नहीं थी परंतु मनमसोस कर पति की इस बहाने को समझते हुए भी चुप रह जाती थी।
लेकिन ये तय था कि राहुल गांधी के प्रधान बनने की बात को़ वो पति का अकाट्य बहाना समझ गयी। वो समझ गयी कि ‘न नौ मन तेल होगा न राधा नाचेगी,पति कभी भी नौलखा बनवाकर नही ंदेने वाला’ं।
साथ ही मोदी जी के हटने की बात को वो इस उम्मीद पर स्वीकार कर गयी कि इसी परम्परा का कोई और राष्ट्रभक्त देश का प्रधान बनकर सामने आएगा। यूं भी चर्चा जोरों पर है कि इसवर्ष या अगले वर्ष मोदीजी सन्यास लेने वाले हैं ओर उनकी जगह पर योगी आदित्यनाथ आएंगे।
बहरहाल राहुल के प्रधानमंत्री बनने की शर्त पर तो उसने नौलखा का इच्छा को तिलांजलि दे दी। ‘जय सियाराम’
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जवाहर नागदेव, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिन्तक, विश्लेषक
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‘बिना छेड़छाड़ के लेख का प्रकाशन किया जा सकता है’








