
कोरबा शहर की सरिता महंत ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार’
यह निर्णय महिलाओं को संपत्ति के स्वामित्व के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाएगाः महंत’
कोरबा, 21 अप्रैल 2026/ राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी किए जाने के ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय का कोरबा जिले सहित पूरे प्रदेश में व्यापक स्वागत किया जा रहा है। यह निर्णय महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, संपत्ति के स्वामित्व में उनकी भागीदारी बढ़ाने तथा समाज में उनकी भूमिका को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरकर सामने आया है। राज्य सरकार का मानना है कि इस निर्णय से महिलाओं में संपत्ति क्रय के प्रति रुझान बढ़ेगा और वे अपने नाम पर भूमि एवं आवासीय संपत्ति लेने के लिए प्रोत्साहित होंगी। इससे महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूती मिलेगी, साथ ही परिवार एवं समाज में उनकी निर्णयात्मक भूमिका भी सशक्त होगी। यह पहल न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि उन्हें सामाजिक रूप से भी सशक्त और सम्मानित स्थान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी। भूमि एवं संपत्ति पर महिलाओं के स्वामित्व को बढ़ावा देना किसी भी समाज के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक माना जाता है। इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें विकास की प्रक्रिया में सहभागी बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है। इससे ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएं लाभान्वित होंगी और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
इसी क्रम में कोरबा शहर के आरामशीन बुधवारी क्षेत्र की निवासी श्रीमती सरिता महंत ने इस निर्णय का हर्षपूर्वक स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय महिलाओं के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने वाला है। इससे महिलाओं को आगे बढ़ने, आत्मनिर्भर बनने और अपनी अलग पहचान स्थापित करने का अवसर प्राप्त होगा।
श्रीमती महंत ने कहा कि आज के समय में महिलाएं केवल घर-परिवार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय एवं अन्य क्षेत्रों में भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के हित में निरंतर किए जा रहे प्रयासों के कारण ही आज महिलाएं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं और समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण एवं उत्थान के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और पहलों ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। चारदीवारी तक सीमित रहने वाली महिलाएं आज आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। यह निर्णय महिलाओं को संपत्ति के स्वामित्व के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाएगा।
उल्लेखनीय है कि इस निर्णय के चलते राज्य सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व में कमी होने का अनुमान है, इसके बावजूद महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। यह दर्शाता है कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनके हितों को सर्वोपरि रखकर योजनाएं बना रही है।








