धमतरी । केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के अंतर्गत धमतरी जिले में ग्रामीण आबादी भूमि के स्वामित्व निर्धारण हेतु किए जा रहे ड्रोन सर्वेक्षण कार्य में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। कार्यान्वयन एजेंसी सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा जिले के 18 राजस्व ग्रामों में अधिकार अभिलेख का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया है।
जिले के 501 राजस्व ग्रामों में ग्रामीण आबादी भूमि का सर्वेक्षण जारी है, जिसके अंतर्गत भाखरा, धमतरी, कुकरेल, कुरूद एवं मगरलोड तहसीलों के क्रमशः 02, 08, 02, 02 और 04 ग्रामों के कुल 36 शीटों का मसौदा मानचित्र (Map-2) एवं संपत्ति धारकों का विवरण तैयार कर संबंधित ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराया गया है।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सूचीबद्ध ग्रामों में प्रारंभिक प्रकाशन परिशिष्ट-7 के अनुसार किया जाए तथा ग्राम कोटवार के माध्यम से मुनादी कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक हितग्राही जानकारी प्राप्त कर सकें।
उन्होंने प्रारंभिक प्रकाशन के दौरान निम्न बिंदुओं का पालन करने के निर्देश दिए हैं –
1. Map-1 में भौतिक सत्यापन के दौरान चिन्हित विसंगतियों का Map-2 से मिलान किया जाए।
2. हल्का पटवारी द्वारा तैयार संपत्ति धारकों के विवरण एवं सर्वे ऑफ इंडिया से प्राप्त विवरण का आपसी सत्यापन किया जाए।
3. Map-2 में भू-खण्ड की सीमाएं पीले रंग, निर्मित भवन/दुकान लाल रंग, रास्ते नीले रंग तथा शासकीय क्षेत्र हरे रंग में अंकित किए गए हैं।
4. अपूर्ण प्रविष्टियों को पूर्ण कर, अभिलेखों की सटीकता सुनिश्चित की जाए।
5. प्रारंभिक प्रकाशन की तिथि से 15 दिवस तक हितग्राही अपने दावे एवं आपत्तियां प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे।
6. तहसीलदार ई-कोर्ट में दावा-आपत्ति के प्रकरण दर्ज कर ग्रामवार ईश्तिहार जारी करेंगे एवं प्राप्त दावों का निराकरण करेंगे।
7. निराकरण उपरांत संशोधित Map-3 सर्वे ऑफ इंडिया को अंतिम प्रकाशन हेतु भेजा जाएगा।
8. यदि निर्धारित अवधि में कोई दावा या आपत्ति प्राप्त नहीं होती, तो अंतिम अधिकार अभिलेख निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
सूचना पत्र में निर्दिष्ट दिनांक को आबादी अधिकार अभिलेख की प्रविष्टियों का पठन ग्राम पंचायत दल की उपस्थिति में किया जाएगा। हितबद्ध व्यक्ति प्रविष्टियों की पुष्टि कर सकेंगे और बिना आपत्ति की स्थिति में प्रविष्टियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
तहसीलदार द्वारा अंतिम भू-अभिलेख तैयार करते समय न्यायालय में लंबित प्रकरणों की सूची परिशिष्ट-9 में संलग्न की जाएगी। साथ ही सर्वसाधारण हेतु उद्घोषणा जारी करने, सूचनाओं की तामिली की अभिस्वीकृति का पंजी संधारण तथा ई-कोर्ट में लंबित प्रकरणों की सूची तैयार करने के लिए आदेश क्रमांक 126, दिनांक 01.05.2024 के माध्यम से तहसीलवार प्राधिकृत अधिकारी की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है।
स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को उनकी आबादी भूमि पर विधिक स्वामित्व प्रदान कर उन्हें वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में अग्रसर किया जा रहा है। यह योजना ग्राम स्तर पर पारदर्शिता और स्थायी संपत्ति अधिकार स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है।
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