
जशपुरनगर 10 जून 2026/ प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत जशपुर जिले में किए जा रहे नवाचारों, कृषि विकास कार्यों एवं किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भारत सरकार द्वारा सराहना की गई है। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव तथा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के केंद्रीय नोडल अधिकारी श्री पी. अंबलगन (आईएएस) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले की विस्तृत समीक्षा करते हुए जशपुर मॉडल को प्रभावी एवं किसान हितैषी बताया। समीक्षा बैठक में वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों एवं वर्ष 2026-27 के लिए तैयार की गई कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। जिला प्रशासन द्वारा कृषि क्षेत्र के समग्र विकास और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से तैयार की गई कार्ययोजना में सुगंधित एवं औषधीय फसलों के क्लस्टर विकास, संविदा खेती को बढ़ावा, जीराफूल धान के रकबे में विस्तार, निर्यात योग्य धान क्लस्टर निर्माण, सामुदायिक बीज बैंक की स्थापना, ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं, कस्टम हायरिंग सेंटर, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा बेहतर विपणन व्यवस्था को प्रमुखता दी गई है। समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री रोहित व्यास, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार, उप संचालक कृषि श्री एम.आर. भगत सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
बैठक में खरीफ सीजन 2026-27 की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में किसानों के लिए बीज एवं उर्वरकों के पर्याप्त भंडारण एवं वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। संभावित एल-नीनो परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किसानों को अल्प अवधि वाली धान किस्मों के साथ-साथ मोटे अनाज, दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि विपरीत मौसम की स्थिति में भी उत्पादन प्रभावित न हो। समीक्षा के दौरान जल संचय जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत जिले में संचालित जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन कार्यों की भी विस्तार से जानकारी दी गई। संयुक्त सचिव श्री अंबलगन ने विभिन्न विभागों के समन्वय से किए जा रहे जल संरक्षण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास कृषि क्षेत्र को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करेंगे और किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता एवं ग्रामीण विकास विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड, प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के सशक्तिकरण, मूल्य संवर्धन एवं बाजार संपर्क गतिविधियों को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया।
संयुक्त सचिव ने कहा कि किसानों की आय में स्थायी वृद्धि के लिए केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कृषि आधारित उद्यमिता, आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण और विपणन को भी समान रूप से बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने जिले में चल रहे नवाचारों की प्रशंसा करते हुए आगामी कार्ययोजना को निर्धारित समय-सीमा में प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। जशपुर जिले में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत किसानों की आय वृद्धि, जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, कृषि विविधीकरण एवं कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयास अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। इससे जिले के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ मिलने के साथ-साथ उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगा।








