Ro no D15139/23

नया पर्यटन स्थल तिरिया बना आकर्षण का केंद्र, सैर-सपाटे के साथ पिकनिक का नया डेस्टिनेशन

वन विभाग पर्यटन समिति के माध्यम से कर रही पर्यटक सुविधाओं को विकसित

जगदलपुर, 03 जनवरी 2025/ नव वर्ष के आगमन के साथ ही बस्तर जिले का नया पर्यटन स्थल तिरिया पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया है। हरे-भरे जंगल, शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह स्थान लोगों को शहरी जीवन की भाग-दौड़ से दूर शांति और सुकून का अनुभव करा रहा है। तिरिया अपनी प्राकृतिक झरनों, घने जंगलों और पहाड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। यह सैर सपाटे और पिकनिक के लिए एक नया डेस्टिनेशन के रूप में विकसित हो रहा है। नव वर्ष की छुट्टियों में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक अपने परिवार और दोस्तों के साथ प्रकृति का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। इसे मद्देनजर रखते हुए प्रशासन द्वारा स्थानीय पर्यटन समिति के माध्यम से इस पर्यटन स्थल की विशेष रूप से साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक पहल किया गया है, जिससे पर्यटकों को सहूलियत हो सके। संभागीय मुख्यालय जगदलपुर से करीब 40 किलोमीटर वनांचल में स्थित तिरिया तक दुपहिया या टैक्सी के माध्यम से आसानी के साथ पहुंचा जा सकता है।

स्थानीय पर्यटन समिति के सदस्य लोकूराम बताते हैं कि शासन द्वारा ग्रामसभा को सामुदायिक वन संसाधन पत्र प्रदान किया गया है। जिससे उनकी समिति के युवा यहां पर्यटकों को बम्बू राफ्टिंग और नौका विहार करवा रहे हैं। साथ ही पर्यटकों को स्थानीय व्यंजन परोस कर उन्हें पारम्परिक बस्तरिया स्वाद से वाकिफ करवा रहे हैं। इसके जरिए समिति के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हो रहा है और अच्छी आमदनी भी हो रही है। उन्होंने बताया कि तिरिया पर्यटन स्थल का प्राकृतिक सौंदर्य सालभर पर्यटकों को आकर्षित करता है, लेकिन सर्दियों के मौसम में इसकी खूबसूरती और भी निखर जाती है। झरनों से गिरता हुआ पानी और हरियाली का दृश्य एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है। वन विभाग ने पर्यटन समिति के युवाओं के जरिए इस बार तिरिया में कई नई सुविधाएं भी जोड़ी हैं, जिनमें बेहतर पार्किंग सुविधा, बम्बू राफ्टिंग, नौका विहार और गाइड सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा, स्थानीय व्यंजन और स्थानीय संस्कृति से रूबरू करा रहे हैं। पर्यटन समिति आगामी दिनों में ट्रैकिंग और कैम्पिंग की सुविधाएं मुहैया कराने की तैयारी कर रही है।

पर्यटकों ने इस स्थल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह जगह न केवल प्रकृति प्रेमियों के लिए खास है, बल्कि पिकनिक मनाने वाले लोगों का भी पंसदीन्दा स्थल बन चुका है। ट्रैकिंग और कैम्पिंग जैसी गतिविधियों के शुरू होने से अधिकाधिक युवा वर्ग तिरिया में ज्यादा आकर्षित होंगे।

पर्यटन समिति के युवा पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को ध्यान में रखते हुए तिरिया को विकसित करने की योजना बनाई है। इस पहल से स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन समिति द्वारा यहां पर स्वच्छता एवं साफ-सफाई रखने के लिए पर्यटकों से अपील करते हुए प्रकृति के इस अनुपम धरोहर के संरक्षण में सहभागी बनने का आग्रह किया गया है। वास्तव में नव वर्ष पर तिरिया की बढ़ती लोकप्रियता यह साबित करती है कि बस्तर के पर्यटन स्थलों में अपार संभावनाएं हैं, जो आने वाले समय में राज्य के पर्यटन उद्योग को एक नई दिशा दे सकती है।

  • Related Posts

    प्रशासन बना संकट की घड़ी का सहारा आपदा में पति को खोने वाली चैती को मिली सहायता, चार लाख रुपये की राहत राशि से मिला संबल

      जगदलपुर, 14 जुलाई 2026/ जीवन में कभी-कभी ऐसी विपत्ति आ जाती है, जो एक पल में पूरे परिवार की खुशियां छीन लेती है। बस्तर जिले के बास्तानार विकासखंड के ग्राम…

    Read more

    सर्पदंश एवं मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता करें सुनिश्चित- कलेक्टर  आकाश छिकारा

    सर्पदंश एवं मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता करें सुनिश्चित- कलेक्टर  आकाश छिकारा   समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने दिए आवश्यक निर्देश   स्कूलों…

    Read more

    NATIONAL

    बेलगावी, कर्नाटक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक

    बेलगावी, कर्नाटक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक

    भारत पर 100% टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका, लिंडसे ग्राहम ने दिया था 500 प्रतिशत का प्रस्ताव

    भारत पर 100% टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका, लिंडसे ग्राहम ने दिया था 500 प्रतिशत का प्रस्ताव

    पोलैंड के मंत्री का दावा : पीएम मोदी ने यूक्रेन में परमाणु हमले को रोका, पुतिन ने मानी भारत की बात

    पोलैंड के मंत्री का दावा : पीएम मोदी ने यूक्रेन में परमाणु हमले को रोका, पुतिन ने मानी भारत की बात

    धार्मिक नगरी वृंदावन की बदलेगी तस्वीर, सीवर समस्या दूर करने के लिए खर्च होंगे 240 करोड़

    धार्मिक नगरी वृंदावन की बदलेगी तस्वीर, सीवर समस्या दूर करने के लिए खर्च होंगे 240 करोड़

    (अंतर्राष्ट्रीय विश्लेषण) युद्धविराम का मिथक और वैश्विक शांति का संकट। विश्व ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता का दौर।

    (अंतर्राष्ट्रीय विश्लेषण) युद्धविराम का मिथक और वैश्विक शांति का संकट। विश्व ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता का दौर।

    विधानसभा मे पद्मविभूषण तीजन बाई को दी गई श्रद्धांजलि, उनके नाम से दिया जायगा राज्य अलंकरण

    विधानसभा मे पद्मविभूषण तीजन बाई को दी गई श्रद्धांजलि, उनके नाम से दिया जायगा राज्य अलंकरण