
खेल डेस्क। दुबई। एशिया कप 2025 से हटने की धमकी देने के 24 घंटे के भीतर-भीतर पाकिस्तान अपनी औकात में आ गया. भारत से मिली करारी हार और हाथ मिलाने के विवाद के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने ‘धमकी की राजनीति’ से यू टर्न ले लिया है.
भारत के खिलाफ मैच के दौरान रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट को लेकर हंगामा खड़ा करने वाले पाकिस्तान ने धमकी दी थी कि अगर पाइक्रॉफ्ट को एशिया कप से नहीं हटाया गया तो वह टूर्नामेंट का बहिष्कार करेगा। लेकिन जब टूर्नामेंट से बाहर होने का असली डर सामने आया तो पाकिस्तान ने तुरंत कदम पीछे खींच लिए.
सोशल मीडिया पर खूब शोर मचाने और बहिष्कार की बातें करने के बाद अब पीसीबी चुपचाप पीछे हट चुका है. आईसीसी ने मैच रेफरी पाइक्रॉफ्ट को हटाने से साफ इनकार कर दिया है. अब आईसीसी के इस फैसले के बावजूद पीसीबी ने टूर्नामेंट छोड़ने का कोई औपचारिक रुख नहीं अपनाया है. यानी साफ है कि पाकिस्तान केवल हवा में बातें कर रहा था, लेकिन असलियत में टूर्नामेंट छोड़ने की हिम्मत उसके पास नहीं थी.
पाकिस्तान का हंगामा, एशिया कप से रेफरी हटाने की मांग, भारत से हारते ही ICC पर बना रहा दबाव
17 तारीख को यूएई के खिलाफ एक अहम मैच से ये तय हो जाएगा कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम सुपर फोर राउंड में पहुंचेगी या नहीं. अगर पाकिस्तान ये मैच जीतने में कामयाब होती है तो 21 सितंबर को भारत के साथ एक और हाई वोल्टेज मुकाबला देखने को मिल सकता है
अगर पाकिस्तान यूएई के साथ होने वाला अपना अगला मैच नहीं खेलेगा तो यूएई सुपर फोर राउंड में पहुंच जाएगा क्योंकि उसके चार पॉइंट है और पाकिस्तान सिर्फ दो अंकों पर ही अटका है. इसी के साथ एशिया कप में पाकिस्तान का अभियान खत्म हो जाएगा.









