
अम्बिकापुर 14 अगस्त 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य के 25वें रजत जयंती वर्ष के अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग सरगुजा के तत्वावधान में आज अम्बिकापुर में सद्भावना स्वतंत्रता दौड़ का आयोजन किया गया। जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, अम्बिकापुर नगर निगम महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, नगर निगम सभापति श्री हरमिंदर सिंह टिन्नी, पार्षद श्री आलोक दुबे सहित जनप्रतिनिधि एवं पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री विलास भोसकर, जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल खेल एवं युवा कल्याण विभाग के उप संचालक श्री रामकुमार सिंह जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा सहित प्रशासनिक अधिकारी सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मल्टीपरपज स्कूल से जनप्रतिनिधियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। स्वतंत्रता दौड़ महामाया चौक, घड़ी चौक से होते हुए गांधी स्टेडियम में संपन्न हुई। बड़ी संख्या में शामिल स्कूली बच्चों और नागरिकों के उत्साहित भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता दौड़ हमें देशभक्ति और एकता की भावना से जोड़ते हुए समाज में आपसी सहयोग और सद्भाव को मजबूत करती है।
अम्बिकापुर नगर निगम महापौर ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस से पूर्व आयोजित यह कार्यक्रम हमें देशभक्ति और एकता के सूत्र में बांधता है। उन्होंने हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता का संदेश देते हुए नागरिकों से शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की।
पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपक कुमार झा ने कहा कि सर्वधर्म समभाव हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, जो विविधता में एकता की पहचान कराता है। सद्भावना स्वतंत्रता दौड़ कोई प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने वाला आयोजन है।
कलेक्टर श्री विलास भोसकर ने कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, स्कूली बच्चों एवं नगरवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दौड़ केवल एक खेल गतिविधि नहीं है, बल्कि यह हमें अपने देश के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की याद दिलाती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं और बच्चों में देशभक्ति, अनुशासन और एकता की भावना को मजबूत करता हैं।
स्वतंत्रता दौड़ में शामिल प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन हेतु प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले धावकों को जनप्रतिनिधियों ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया और उनका मनोबल बढ़ाया।









