
कोरबा 17 अप्रैल 2026/जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण हेतु कलेक्टर कार्यालय कोरबा द्वारा ’ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ के संचालन की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस अभियान के तहत प्राचीन पाण्डुलिपियों की पहचान और उनके दस्तावेजीकरण के लिए अनुभाग स्तर पर विशेष टास्क फोर्स एवं समितियों का गठन किया गया है।
अपर कलेक्टर कटघोरा द्वारा जारी आदेशानुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अध्यक्षता में गठित इस समिति में सम्बंधित तहसीलदार सचिव सदस्य एवं सम्बंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, जनपद एवं नगरीय निकायों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। साथ ही स्थानीय जानकारों, समाजसेवियों पत्रकारों, सेवानिवृत्त अधिकारी/कर्मचारियों व जनप्रतिनिधियों को भी सदस्य बनाया गया है। यह समिति अनुविभाग स्तरीय बैठक व गतिविधियां, पांडुलिपि का चिन्हांकन व सर्वेक्षण हेतु सर्वेक्षकों के प्रशिक्षण सुनिश्चित करेगी एवं पाण्डुलिपियों के चिन्हांकन की निगरानी करेगी।
प्रशासन ने निर्देशित किया है कि समस्त संबंधित अधिकारी इस अभियान की प्रगति रिपोर्ट 25 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
क्रमांक 75/सुरजीत
//समाचार//
रबी दलहन-तिलहन उपार्जन के लिए कृषक पंजीयन की अंतिम तिथि 20 अपै्रल
कोरबा 17 अपै्रल 2026/
प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत अधिसूचित रबी के फसलों दलहन-तिलहन की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जा रही है।
उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में अब तक कुल 315 पंजीयन किया जा चुका है। जो कृषक अभी तक पंजीयन नहीं कराये हैं उनसे अपील की गई है कि वे अंतिम तिथि 20 अपै्रल 2026 से पूर्व अपनी संबंधित सहकारी समिति में जाकर एकीकृत किसान पोर्टल एवं ई-समुयुक्ति पोर्टल/मोबाइल एप्प के माध्यम से अनिवार्य रूप से पंजीयन कराएं ताकि वे अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त कर सकें।
उपार्जन की अवधि अरहर एवं सरसों के लिए 15 फरवरी से 15 मई 2026 तक तथा चना एवं मसूर के लिए 01 मार्च 2026 से 30 मई 2026 तक आदिम जाति सेवा सहकारी समिति जटगा एवं कोरबी (पोंड़ी उपरोड़ा) में किया जायेगा। उपार्जन हेतु फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल अरहर 08 हजार, चना 5875, मसूर-07 हजार एवं सरसों- 6200 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। कृषक गिरदावली के लिए अपने क्षेत्र के पटवारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से फसल रकबा सत्यापन प्रमाण पत्र प्राप्त कर पंजीय प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं।







