
Shiv Sena Crisis : शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के प्रतिद्वंद्वी गुट में शामिल होने की चर्चाओं के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार (19 जून) को कहा कि यह तो सिर्फ ट्रेलर है, पूरी फिल्म अभी बाकी है. शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए, शिंदे ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर इनडायरेक्ट रूप से निशाना साधते हुए कहा कि इस बात पर आत्ममंथन किया जाना चाहिए कि लोग उनका साथ क्यों छोड़ रहे हैं.
शिंदे ने ठाकरे पर किया कटाक्ष
आयोजित रैली में बागी गुट के छह में से कोई भी सांसद मौजूद नहीं था. ठाकरे का नाम लिए बिना शिंदे ने कहा कि भेड़िया, बाघ की खाल ओढ़ लेने से बाघ नहीं बन जाता. शिंदे ने यह भी दावा किया कि ‘महायुति’ विधान परिषद के चुनावों में सभी 17 सीटें जीतेगी, जिनके लिए 18 जून को वोटिंग हुई थी.
इस समय गंभीर राजनीतिक संकट में है ठाकरे गुट
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) इस समय गंभीर राजनीतिक संकट का सामना कर रही है. पार्टी के नौ लोकसभा सदस्यों में से छह- संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल-आष्टीकर और ओमप्रकाश राजे निंबालकर के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने की संभावना है.
ये सांसद 18 जून को शिवसेना (यूबीटी) संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं हुए, जिससे इन सभी के पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ने की पुष्टि हो गई है. पिछले चार साल में ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) दूसरी बार बड़ी बगावत का सामना कर रही है.
पार्टी प्रमुख का पद छोड़ने को तैयार : उद्धव ठाकरे
इस बीच शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों की बगावत के बीच उद्धव ठाकरे भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि तमाम चुनौतियों और लगातार हो रहे राजनीतिक हमलों के बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा है. लेकिन अगर पार्टी के लोगों को उन पर भरोसा नहीं है, तो वह अध्यक्ष पद छोड़ने के लिए तैयार हैं. ठाकरे ने कहा कि वह पिछले एक दशक से ज्यादा समय से पार्टी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और अब फैसला शिवसैनिकों को करना है कि वे उन्हें नेतृत्व में देखना चाहते हैं या नहीं.







