
*छत्रपति शिवाजी चौक का लोकार्पण, भव्य प्रतिमा का आतिशबाजी के साथ अनावरण*
कवर्धा। 19 फरवरी का दिन शहरवासियों के लिए ऐतिहासिक बन गया, जब नवनिर्मित छत्रपति शिवाजी चौक का भव्य लोकार्पण एवं वीरता, साहस और राष्ट्र गौरव के प्रतीक छत्रपति शिवाजी महाराज की दिव्य प्रतिमा का विधिवत अनावरण उत्साह और आतिशबाजी के साथ किया गया। पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा वातावरण रहा और बड़ी संख्या में नागरिक इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विजय शर्मा उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक मंचासीन रहे। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से प्रतिमा का अनावरण कर कवर्धावासियों एवं चंद्रनाहु कुर्मी समाज को एक ऐतिहासिक सौगात प्रदान की।
*प्रेरणा का प्रतीक शिवाजी महराज-विजय शर्मा*
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विजय शर्मा ने अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि कवर्धा के शिवाजी चौक में अब महराज शिवाजी की भव्य प्रतिमा की स्थापना हुई है कवर्धा की जनता की मनोभाव के अनुसार ही शिवाजी चौक में भव्य प्रतिमा विराजमान हुआ है। कवर्धा के नौजवानों के लिए यह स्थल प्रेरणा का प्रतीक है चौक में प्रतिमा का अनावरण हो जाने से कवर्धा के लोगों के मन में उत्साह व उमंग है । उन्होनें उपस्थित चदं्रनाहु कुमी समाज को बधाई शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि शिवाजी महराज का जीवन हमें सिखाता है कि यदि संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं। उन्होंने महिलाओं के सम्मान, प्रजा के हित, न्यायपूर्ण शासन और धार्मिक सहिष्णुता की जो परंपरा स्थापित की, वह आज भी आदर्श शासन का मार्गदर्शन करती है। विजय शर्मा ने युवाओं का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को शिवाजी महाराज के जीवन से प्रेरणा लेकर अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखने की भावना विकसित करनी चाहिए।
*इन चौक-चौराहों का होगा कायाकल्प*
शिवाजी चौक लोकार्पण व मूर्ति अनावरण में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि कवर्धा शहर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में विकास की गंगा बह रही है कवर्धा शहर में चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है ताकि हमारा शहर की अलग पहचान बन सके। उन्होनें बताया कि वीर स्तंभ चौक निर्माण के साथ-साथ शिवाजी चौक में मूर्ति स्थापना का कार्य पूर्ण हुआ। अब इसके साथ ही रायपुर-राजनांदगांव बायपास मार्ग में सहस्त्र बाहु चौक का निर्माण, राजनांदगांव रायपुर बायपास चौक में संत कबीर चौक का निर्माण, संत गाडगे चौक, करपात्री जी महराज चौक निर्माण हेतु 20-20 लाख रू. की स्वीकृति प्रदान की गई है साथ ही हमारे शहर के बुजुर्गो के लिए सियान सदन का निर्माण किया जायेगा। जिसके लिए 30 लाख रू. राशि की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।
*ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना कवर्धा-चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी*
नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महराज की भव्य व दिव्य प्रतिमा का अनावरण कर कवर्धावासियों को समर्पित किया साथ ही उन्होनें कहा कि यह चौक कवर्धावासियों के लिए आईडल बनकर खड़ा है हमारा आदर्श शिवाजी महराज है अनावरण के समय में कवर्धावासी उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना। शिवाजी के विचारों को पढकर, अध्ययन कर अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। उन्होनें छत्रपति शिवाजी महराज के बारे में बताते हुए कहा कि भारत में मुगलों ने अपना शासन चलाकर भारत की संस्कृति को नष्ट करना चाहता था ऐसे हालातों पर शिवाजी महराज ने मुगलों को चुनौती देने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने अपने साहस और रणनीति से यह सिद्ध कर दिया कि मातृभूमि की रक्षा के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति ही सबसे बड़ी शक्ति होती है।
*औंरगजेब की छक्के छुड़ाने वाले शिवाजी महराज राष्ट्र गौरव के प्रतीक*
नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने बताया कि जब भारत में मुगल सम्राट औरंगज़ेब का प्रभाव चरम पर था, तब एक युवा वीर ने स्वाभिमान और स्वराज का संकल्प लिया। सीमित संसाधन, छोटी सेना और कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिवाजी महाराज ने औंरगजेब की छक्के छुड़ाकर अपने अद्भुत साहस, रणनीति और गुरिल्ला युद्ध कौशल से मुगल साम्राज्य को कड़ी चुनौती दी। शिवाजी महाराज केवल तलवार के धनी नहीं थे, बल्कि वे दूरदर्शी शासक भी थे। उन्होंने हिंदवी स्वराज का सपना देखा, ऐसा राज्य जहाँ प्रजा सुरक्षित हो, महिलाओं का सम्मान हो और धर्म के आधार पर भेदभाव न हो। यही कारण है कि वे केवल एक क्षेत्रीय राजा नहीं, बल्कि राष्ट्रगौरव के प्रतीक बन गए।
*नगर पालिका टीम को दी बधाई*
नगर पालिका अध्यक्ष व उनकी टीम को इस ऐतिहासिक पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस चौक का निर्माण और प्रतिमा का अनावरण समाज को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का कार्य करेगा। यह स्थल आने वाले वर्षों में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक आयोजनों और राष्ट्रभक्ति की भावना का केंद्र बनेगा। उन्होनें कहा कि वे शिवाजी महाराज के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाते हुए एक सशक्त, संगठित और समृद्ध समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।









