Ro no D15139/23

राज्य महिला आयोग की सुनवाई 18 जून को

कोरबा 12 जून 2025 /जिले में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग में महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित जिले से प्राप्त प्रकरणों की सुनवाई आयोग की गठित न्यायपीठ द्वारा अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, संभाग प्रभारी श्रीमती सरला कोसरिया, सह प्रभारी श्रीमती प्रियवन्दा सिंह जूदेव द्वारा की जाएगी। यह सुनवाई कलेक्टोरेट सभाकक्ष कोरबा में 18 जून  को प्रातः 11 बजे से की जाएगी।
  • Related Posts

    सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 का आयोजन

      कोरबा 10 जून 2026/न्याय को सरल एवं सुलभ तरीक से घर-घर तक पहंचाने तथा आपसी सहभाविता और सहमति से न्याय की भावना को मूर्त रूप देने के लिए भारत…

    Read more

    प्री.बी.एड./बी.एस.सी. नर्सिंग प्रवेष परीक्षा आज

      कोरबा 10 जून 2026/छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल, रायपुर द्वारा आयोजित प्री.बी.एड/बी.एस.सी. नर्सिंग (बीईडी-बीएससीएन) प्रवेश परीक्षा 11 जून को प्रातः 10.00 बजे से अपरान्ह 12.15 बजे तक जिले के 17…

    Read more

    NATIONAL

    बस्तर में दूध, खेतों तक पानी, युवाओं को काम और गांवों को नई पहचान देने की तैयारी

    बस्तर में दूध, खेतों तक पानी, युवाओं को काम और गांवों को नई पहचान देने की तैयारी

    11 जून की टॉप 20 खबरें: अमेरिकी राजनयिक तलब, भारत मंडपम से गरजे पीएम मोदी, शुभेंदु सरकार में विभागों का बंटवारा

    11 जून की टॉप 20 खबरें: अमेरिकी राजनयिक तलब, भारत मंडपम से गरजे पीएम मोदी, शुभेंदु सरकार में विभागों का बंटवारा

    PM Kisan की 23वीं किस्त पर बड़ा अपडेट! क्या 18 जून को आएंगे ₹2,000? जानिए सच्चाई

    PM Kisan की 23वीं किस्त पर बड़ा अपडेट! क्या 18 जून को आएंगे ₹2,000? जानिए सच्चाई

    मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    लोगों का भरोसा जीतने में सफल रहे हैं पीएम मोदी, पढ़ें नीतीश कुमार का आलेख

    लोगों का भरोसा जीतने में सफल रहे हैं पीएम मोदी, पढ़ें नीतीश कुमार का आलेख

    ममता बनर्जी के चारों ओर सन्नाटा! फोन बंद, चेहरे गायब, दीदी के सबसे करीबी सांसदों ने संकट में मुंह फेरा

    ममता बनर्जी के चारों ओर सन्नाटा! फोन बंद, चेहरे गायब, दीदी के सबसे करीबी सांसदों ने संकट में मुंह फेरा