
छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पुनर्वास नीति के तहत प्रत्येक परिवार को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत*
रायपुर, 20 जुलाई 2026/ नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन के लिए शासन स्तर पर पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में ऐसे प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पक्के आवास, आर्थिक सहायता और मुख्यमंत्री राहत कोष जैसी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ शासन ने नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को राहत और आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नक्सली हिंसा में आम नागरिकों की मृत्यु होने पर उनके आश्रित परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में बीजापुर जिले के चार मृतकों के परिजनों के लिए कुल 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पुनर्वास नीति के तहत प्रत्येक मृतक के परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इस प्रकार चार प्रभावित परिवारों को कुल 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। यह सहायता राशि नक्सली हिंसा में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों को कठिन समय में आर्थिक सहारा प्रदान करेगी।
*पीड़ित परिवारों के पुनर्वास और सुरक्षा पर शासन का विशेष जोर*
राज्य सरकार द्वारा नक्सल हिंसा से प्रभावित व्यक्तियों और परिवारों को राहत देने के साथ-साथ उनके पुनर्वास और सुरक्षा के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नक्सलवाद पुनर्वास नीति का उद्देश्य नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना, उनके जीवन को सामान्य बनाने में सहयोग देना और उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन का अवसर प्रदान करना है। इस नीति के अंतर्गत नक्सली हिंसा में प्रभावित आम नागरिकों के परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही नक्सल पीड़ित व्यक्तियों, परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए भी विभिन्न प्रावधान किए गए हैं।
*परिवारों को कठिन समय में मिलेगा आर्थिक संबल*
नक्सली हिंसा में किसी परिवार के सदस्य की मृत्यु होने से परिवार को भावनात्मक क्षति के साथ-साथ आर्थिक कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में शासन द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता राशि परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक संबल का काम करती है। इससे प्रभावित परिवार अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने और भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। राज्य सरकार की यह पहल नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनशीलता और उनके साथ खड़े रहने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। शासन द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा, विकास, पुनर्वास और जनकल्याण के कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।









