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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत बागवानी फसल का जिले के अऋणी किसान 31 दिसम्बर तक ले सकते हैं लाभ

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी 2025-26 सीजन के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं असमय वर्षा, सूखा, ओलावृष्टि कीट प्रकोप और अन्य जोखिमों से फसल को होने वाली क्षति के विरुद्ध आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। योजना का उद्देश्य किसानों की आय को स्थिरता प्रदान करना और खेती को एक सुरक्षित व लाभकारी व्यवसाय बनाना है।
इस योजना के अंतर्गत बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2025 निर्धारित की गई है। ऋणी कृषकों का बीमा संबंधित वित्तीय संस्थाओं द्वारा स्वचालित रूप से कर दिया जाएगा, बशर्ते उन्होंने रबी 2025 के लिए फसल ऋण लिया हो। लेकिन अऋणी कृषकों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए स्वयं पहल करनी होगी। किसान नजदीकी ग्राहक सेवा केंद्र सी.एस.सी. सेंटर अथवा मोबाइल एप्प के द्वारा या बचत खाताधारक किसान संबंधित बैंक में जाकर बीमा करा सकते है। इसके साथ ही अऋणी कृषकों के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड की स्वप्रमाणित प्रति, स्वयं के नाम की भूमि रिकॉर्ड बी-1 की प्रति, बुआई प्रमाण पत्र, सक्रिय बैंक खाते की प्रति, जिसमें खाता संख्या और आई.एफ.एस.सी. कोड तथा निर्धारित प्रीमियम राशि लेकर बीमा केंद्र में उपस्थित होना अनिवार्य रहेगा। इसके अलावा रबी फसलों के लिए बीमा प्रीमियम बीमांकिक राशि का केवल 5 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। टमाटर के लिए 6000.00 रुपये प्रति हेक्टेयर, बैगन 3850.00 रू. प्रति हेक्टेयर, पत्ता गोभी 3500.00 रू. प्रति हेक्टेयर, फूलगोभी 3500.00 रु. प्रति हेक्टेयर, प्याज 4000.00 रु. प्रति हेक्टेयर एवं आलू 6000. 00 रु. प्रति हेक्टेयर की दर से बीमा प्रीमियम निर्धारित किया गया है। उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक जशपुर ने इस संबंध में बताया कि खरीफ 2024 में जिले के 78 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल बीमा मुआवजा कुल 3 लाख 36 हजार 743 प्राप्त किया था, जो इस योजना की सफलता और किसानों को होने वाले लाभ का स्पष्ट प्रमाण है।

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