जशपुरनगर 28 जुलाई 2026/ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा के मार्गदर्शन में विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर शासकीय जी.एन.एम. नर्सिंग कॉलेज एवं जिला चिकित्सालय, जशपुर में हेपेटाइटिस-बी टीकाकरण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य केवल टीकाकरण तक सीमित न रहकर समाज में हेपेटाइटिस के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समय पर जांच एवं टीकाकरण को प्रोत्साहित करना तथा इस गंभीर बीमारी की रोकथाम के लिए सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करना था।
शिविर के दौरान जी.एन.एम. नर्सिंग कॉलेज की 65 छात्राओं तथा 12 स्वास्थ्य कर्मियों सहित कुल 77 हितग्राहियों को हेपेटाइटिस-बी वैक्सीन का प्रथम डोज लगाया गया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा हेपेटाइटिस से संबंधित जानकारी साझा करते हुए जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा ने बताया कि हेपेटाइटिस यकृत (लीवर) में होने वाली सूजन है, जो मुख्य रूप से वायरस के संक्रमण के कारण होती है। इसके प्रमुख प्रकार हेपेटाइटिस-ए, बी, सी, डी एवं ई हैं। इनमें हेपेटाइटिस-बी एवं सी लंबे समय तक शरीर में रहकर लीवर सिरोसिस, लीवर फेलियर तथा लीवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, पूर्ण टीकाकरण और जागरूकता के माध्यम से इस बीमारी से प्रभावी रूप से बचाव किया जा सकता है।
जागरूकता सत्र में प्रतिभागियों को बताया गया कि हेपेटाइटिस के सामान्य लक्षणों में अत्यधिक थकान, भूख कम लगना, मतली एवं उल्टी, बुखार, पेट के दाहिने हिस्से में दर्द, आंखों एवं त्वचा का पीला पड़ना (पीलिया), गहरे रंग का मूत्र तथा हल्के रंग का मल शामिल हैं। साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि कई संक्रमित व्यक्तियों में प्रारंभिक अवस्था में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए समय पर जांच और टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हेपेटाइटिस से बचाव के प्रभावी उपायों की भी विस्तृत जानकारी दी। बताया गया कि हेपेटाइटिस-बी से बचाव का सबसे सुरक्षित एवं प्रभावी माध्यम पूर्ण टीकाकरण है। इसके अतिरिक्त केवल स्टरलाइज्ड सुई एवं चिकित्सा उपकरणों का उपयोग करना, जांचे हुए सुरक्षित रक्त का ही उपयोग करना, रेजर, टूथब्रश एवं नेल कटर जैसी व्यक्तिगत वस्तुओं को साझा न करना, सुरक्षित व्यवहार अपनाना तथा व्यक्तिगत एवं पर्यावरणीय स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है। वहीं हेपेटाइटिस-ए एवं ई से बचाव के लिए स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ भोजन तथा हाथों की नियमित सफाई पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी छात्राओं एवं स्वास्थ्य कर्मियों से हेपेटाइटिस-बी टीकाकरण के शेष निर्धारित डोज समय पर पूर्ण कराने तथा अपने परिवार एवं समाज में हेपेटाइटिस की रोकथाम, समय पर जांच और टीकाकरण के प्रति जन जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर यह संदेश भी दिया गया कि हेपेटाइटिस से बचाव संभव है- समय पर टीकाकरण, जागरूकता और सतर्कता अपनाकर स्वस्थ जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।
77 हितग्राहियों को लगाया गया हेपेटाइटिस-बी वैक्सीन का प्रथम डोज, रोग के प्रकार, लक्षण एवं बचाव की दी गई विस्तृत जानकारी








