Ro no D15139/23

आग की लौ से भी ज्यादा तकलीफदेह थी गर्मी में पानी की मार,अब आँगन में बहने लगी है धार

लोहार दम्पति सहित गाँव के लोगो को नहीं लाना पड़ता ढोढ़ी से पानी

कोरबा 09 जून 2025/इस गाँव में रहने वाले लोहार दम्पति भारत लोहार और सुनीता लोहार को भी भलीभांति मालूम है कि उन्हें गर्मी के दिनों में किस तरह पानी के एक-एक बूंद के लिए जूझना पड़ता था। गर्मी के दिनों में सूरज की ताप ही नहीं लोहे को गर्म कर उसे धार देने दिन भर आग की लौ के आगे भी पसीना बहाना पड़ता था।भारत और सुनीता को जितनी ज्यादा आग की लौ तकलीफ नहीं देती थी उससे कही ज्यादा गर्मी के मौसम साथ उत्पन्न हुई पेजयल की समस्या तकलीफ दिया करती थी। अब इस गाँव में पानी की कोई समस्या नहीं है। इस गर्मी में भी उन्हें जलसंकट का कोई सामना नहीं करना पड़ा। घर के आँगन में नल कनेक्शन है और सुबह हो या शाम..पानी की धार नियमित घर के आँगन में पहुँचती है। पानी की धार घर के करीब मिल जाने और पानी को लेकर बनती आ रही वर्षों पुरानी समस्या छूमंतर हो जाने से सिर्फ लोहार दम्पति ही नहीं.. गाँव के अन्य लोगों की भी समस्या खत्म हो गई है।
कोरबा विकासखंड के अंतर्गत दूरस्थ ग्राम पंचायत गिरारी के आश्रित ग्राम अमलीपारा में इस गर्मी पानी को लेकर कोई समस्या नहीं आई। गाँव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल का कनेक्शन लग जाने के पश्चात घरों में नल से नियमित पानी पहुँचता है। सुबह और शाम को पानी घर के आँगन में आ जाने से यहाँ रहने वाली सुनीता लोहार अपनी दिन भर की जरूरतों के हिसाब से पानी इक्ट्ठा कर रख लेती है। सुनीता लोहार ने बताया कि बारिश और अन्य मौसम में पानी की समस्या ज्यादा गंभीर नहीं रहती थी। गर्मी के दिनों में  गाँव के सभी लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ता था। सभी ढोढ़ी से पानी लाते थे। इस दौरान गाँव की महिलाओं को ही नहीं पुरुषों और बच्चों को भी पानी के लिए जद्दोजहद करना पड़ता था। सुनीता के पति भारत लोहार ने बताया कि पानी के लिए अपना काम बंद करना पड़ता था। अब नल कनेक्शन लगने और पानी घर में मिलने से किसी को ढोढ़ी नहीं जाना पड़ता। उन्होंने बताया कि पहले गर्मी के दिनों में हमेशा परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस गर्मी तो उन्हें कोई समस्या नहीं हुई। उन्हें घर पर ही स्वच्छ पानी मिलने लगा है। उन्होंने बताया कि पानी की समस्या को हम लोग अच्छे से समझ सकते हैं। दिन भर लोहे को गर्म कर उसे धार देते हैं, आग की लौ के आगे बैठते हैं.. उससे भी ज्यादा पानी की समस्या थी,अब नहीं है,यह हमारे लिए बहुत खुशी की बात है। उन्होंने घर-घर पेयजल पहुचाने किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए सरकार के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

  • Related Posts

    दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने की आवश्यक कार्रवाई आपातकालीन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने हेतु की जा रही आवश्यक कार्यवाही

     कोरबा, 12 जून 2026/ग्राम लामपहाड़ में घटित सड़क दुर्घटना की घटना को जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीरता से लेते हुए तत्काल तथ्यात्मक जांच कराई गई। जांच हेतु खंड…

    Read more

    मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध, प्रतिबंधित अवधि पर मछली पकड़ने पर देना होगा 25 हजार रूपये जुर्माना

     कोरबा 12 जून 2026/जिले में वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि को ध्यान में रखकर उनके संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम के तहत 16 जून से 15…

    Read more

    NATIONAL

    होर्मुज स्ट्रेट से कितना कमाता था ईरान? अगर युद्ध विराम के बाद खुला रास्ता, तो अब जहाजों से कैसे वसूलेगा ‘टोल टैक्स’

    होर्मुज स्ट्रेट से कितना कमाता था ईरान? अगर युद्ध विराम के बाद खुला रास्ता, तो अब जहाजों से कैसे वसूलेगा ‘टोल टैक्स’

    राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध का खेल बदल गया है, छोटे देश भी बड़े देश को पहुंचा सकते हैं ज्यादा नुकसान

    राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध का खेल बदल गया है, छोटे देश भी बड़े देश को पहुंचा सकते हैं ज्यादा नुकसान

    भारतीय जहाजों पर हमले से ट्रंप नाराज, ममता को खुली चुनौती! 19 सांसद बोले- हम ही असली TMC

    भारतीय जहाजों पर हमले से ट्रंप नाराज, ममता को खुली चुनौती! 19 सांसद बोले- हम ही असली TMC

    किसने मारा 3 भारतीयों को? ट्रंप और ईरान ने एक दूसरे पर लगाया आरोप, जयशंकर ने US विदेश मंत्री को लगाया फोन

    किसने मारा 3 भारतीयों को? ट्रंप और ईरान ने एक दूसरे पर लगाया आरोप, जयशंकर ने US विदेश मंत्री को लगाया फोन

    भारत 2030: इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति जो लोगों और गणित की ताकत से शुरू होगी

    भारत 2030: इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति जो लोगों और गणित की ताकत से शुरू होगी

    12 साल की मोदी सरकार: फैसलों, विकास योजनाओं और राजनीतिक बदलावों का एक दशक से अधिक का सफर

    12 साल की मोदी सरकार: फैसलों, विकास योजनाओं और राजनीतिक बदलावों का एक दशक से अधिक का सफर