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दो बार ऑस्कर का खिताब किया अपने नाम, दक्षिण एशिया की वो महिलाएं जिनसे दुनिया अब भी है अनजान

ऑस्कर अवार्ड जिसे अकादमी पुरष्कार के नाम से भी जाना जाता है, इसे दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित पुरष्कार का दर्जा प्राप्त है. हर साल दुनिया भर के फिल्म निर्माता और फिल्म निर्देशक अपनी फिल्मों को ऑस्कर में नॉमिनेशन के लिए डालते हैं लेकिन इन सब में कुछ चुनिंदा लोग ही इसे जीत पाते हैं.

फिल्म मेकिंग या आर्ट की दुनिया में अगर किसी को ऑस्कर जैसे पुरस्कार से सम्मानित कर दिया जाए तो वो व्यक्ति जीवन भर के लिए सफल हो जाता है. ऑस्कर अवॉर्ड को दुनिया का सबसे उच्च और प्रतिष्ठित पुरस्कार कहा जाता है. आज भी पूरे विश्व में कई ऐसे देश हैं जिन्होंने अब तक एक भी ऑस्कर अपने नाम नहीं करवाया है. ऐसे में आज हम बात करेंगे दक्षिण एशिया के दो ऐसे देशों के बारे में जहां दो बार एक ही महिला ने ऑस्कर जीता है.

भारत ने कुल कितने ऑस्कर जीते हैं?

दक्षिण एशियाई देशों में भारत पहला ऐसा देश है जिसने अब तक कुल 10 ऑस्कर अवॉर्ड जीता है. बता दें कि साल 1983 में भारत ने पहला ऑस्कर अवॉर्ड जीता था जिसमें फिल्म गांधी के लिए बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन के लिए भानु अथैया ने पहला ऑस्कर जीता था. इसके बाद सिंगर ए.आर. रहमान ने फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर के लिए दो कैटेगरी में ऑस्कर जीता था.

कौन है गुनीत मोंगा?

गुनीत मोंगा कपूर का नाम भारत के प्रसिद्ध फिल्म निर्माताओं में शुमार है. ये सिख्या एंटरटेनमेंट की संस्थापक हैं जिन्होंने द लंचबॉक्स, मसान और गैंग्स ऑफ वासेपुर जैसी फिल्मों का निर्माण किया है. इनमें से कुछ फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर बहुत अच्छा परफॉर्म तो नहीं किया लेकिन इनकी चर्चाएं आज तक होती हैं.

गुनीत मोंगा ने कितनी बार जीता ऑस्कर ?

इन सब के बावजूद गुनीत मोंगा भारत की वो पहली महिला जिन्होंने अपने शॉर्ट फिल्म डॉक्यूमेंट्री के लिए दो अवॉर्ड हासिल किए हैं. इन्होंने साल 2019 में अपना पहला ऑस्कर अवॉर्ड जीता जिसमें इनकी शॉर्ट फिल्म डॉक्यूमेंट्री पीरियड एन्ड ऑफ सेंटेंस (Period End Of Sentence) के लिए इन्हें अकादमी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. इसके बाद साल 2024 में इनकी शॉर्ट फिल्म द एलीफेंट व्सिपरर्स (The Elephant Whisperers) को बेस्ट शॉर्ट फिल्म डॉक्यूमेंट्री के लिए ऑस्कर का खिताब दिया गया था.

पाकिस्तान ने कितनी बार जीता ऑस्कर?

शर्मीन ओबैद चिनॉय पाकिस्तान की पहली महिला बनीं जिन्होंने दो बार अकादमी पुरस्कार जीता है जिसे ज्यादातर लोग ऑस्कर के नाम से जानते हैं. साल 2012 में पाकिस्तान के हिस्से में पहला ऑस्कर अवार्ड आता है जो की शर्मीन की शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री सेविंग फेस (Saving Face) के लिए दी गई जो पाकिस्तान में एसिड हमले से बचे लोगों के जीवन पर केंद्रित था. इसके बाद साल 2016 में शर्मीन की ही शॉर्ट फिल्म डॉक्यूमेंट्री ए गर्ल इन द रिवर (A Girl In The River) ने पाकिस्तान को दूसरा ऑस्कर दिलाया.

शर्मीन ओबैद चिनॉय कौन हैं?

शर्मीन पेशे से एक पत्रकार हैं जिन्होंने पाकिस्तान से जुड़े सामाजिक मुद्दों को अपनी शॉर्ट फिल्म डॉक्यूमेंट्री के जरिए अंतर्राष्ट्रीय मंच पर रखा है. ऑस्कर के अलावा भी इन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई सारे अवार्ड जीते हैं.

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