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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत जिले के 20380 किसानों को 33 करोड़ 23 लाख 21 हजार रूपए का किया गया भुगतान

– फसल बीमा कराने की तिथि में की गई वृद्धि
– खरीफ 2025 हेतु अऋणी कृषक 14 अगस्त तक एवं ऋणी कृषक 31 अगस्त तक करा सकते है फसल बीमा
– किसानों से शत-प्रतिशत अपने फसलों का बीमा कराने की अपील
राजनांदगांव 11 अगस्त 2025। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा हवाई पट्टी झुनझूनू राजस्थान से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत रबी 2024 के तहत फसल कटाई उपरांत प्राप्त उपज आंकड़ों के आधार पर जिले के 20380 किसानों को 33 करोड़ 23 लाख 21 हजार रूपए का भुगतान ऑनलाईन डीबीटी प्रणाली के माध्यम से किया गया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत राजनांदगांव तहसील के 2223 किसानों को 4 करोड़ 67 लाख रूपए, घुमका तहसील के 5297 किसानों को 10 करोड़ 85 लाख रूपए, डोंगरगढ़ तहसील के 6957 किसानों को 9 करोड़ 73 लाख रूपए, लालबाहदुर नगर के 2749 किसानों को 3 करोड़ 76 लाख रूपए, डेंागरगांव तहसील के 1075 किसानों को 7 करोड़ 39 लाख रूपए, छुरिया तहसील के 2060 किसानों को 3 करोड़ 46 लाख रूपए एवं कुमरदा तहसील के 19 किसानों को 36 हजार 759 रूपए का भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनंातर्गत रबी 2024 में जिले के 31634 किसानों ने 39431 हेक्टेयर रकबे का फसल बीमा कराया था। इस वर्ष खरीफ 2025 हेतु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 घोषित किया गया था। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत फसल बीमा कराने की तिथि में वृद्धि की गई है। जिसके तहत अऋणी कृषक 14 अगस्त 2025 तक एवं ऋणी कृषक 30 अगस्त 2025 तक फसल बीमा करा सकते है।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने फसल क्षति से वित्तीय सहायता के लिए जिले के कृषकों से निर्धारित तिथि तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत अपने फसलों का शत-प्रतिशत बीमा कराने की अपील की है। उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले के किसान मुख्य फसल धान सिंचित, धान असिंचित एवं अन्य फसल मक्का, मूंगफल्ली, मूंग, उड़द, सोयाबीन, अरहर, कोदो, कुटकी, रागी का बीमा करा सकते है। किसानों के फसल को प्रतिकूल मौसम, सूखा, बाढ़, जलप्लावन, ओलावृष्टि अन्य प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को होने वाले नुकसान से राहत दिलाने के लिए बीमा में शामिल किए जाने वाले किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत ऋणी एवं अऋणी किसान जो भू-धारक व बटाईदार हो सम्मिलित हो सकते हैं। जो किसान अधिसूचित ग्राम व राजस्व निरीक्षक मंडल में अधिसूचित फसल के लिए वित्तीय संस्थानों से मौसमी कृषि ऋण स्वीकृत, नवीनीकृत की गई हो। योजना ऋणी कृषकों के लिए विकल्प चयन आधार पर क्रियान्वित होगी, ऋणी कृषक जो योजना में शामिल नहीं होना चाहते है, उन्हें स्वहस्ताक्षरित घोषणा पत्र बीमा आवेदन के अंतिम तिथि के 7 दिवस पूर्व तक संबंधित वित्तीय संस्था में जमा करना होगा। विकल्प चयन नहीं करने पर अनिवार्य रूप से बीमाकृत किया जाएगा। इनके अलावा ऐच्छिक आधार पर अधिसूचित फसल उगाने वाले सभी गैर ऋणी किसान जो योजना में सम्मिलित होने के इच्छुक हो, वे बुआई प्रमाण पत्र क्षेत्रीय पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा सत्यापित कराकर एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर योजना का लाभ ले सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत मौसम खरीफ वर्ष 2025 तक जिले के लिए भारतीय कृषि बीमा कंपनी का चयन निविदा के आधार पर हुआ हैं। किसानों द्वारा प्रदाय किए जाने वाली प्रीमियम दर, खरीफ वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत कुल बीमित राशि का 2 प्रतिशत मुख्य फसल धान सिंचित 1200 रूपए, धान असिंचित 900 रूपए एवं अन्य फसल मक्का 960 रूपए, मूंगफल्ली 840 रूपए, मूंग 580 रूपए, उड़द 600 रूपए, सोयाबीन 1000 रूपए, अरहर 800 रूपए, कोदो 440 रूपए, कुटकी 440 रूपए एवं रागी 500 रूपए किसानों द्वारा प्रीमियम राशि देय है। एक ही अधिसूचित क्षेत्र एवं अधिसूचित फसल के लिए अलग-अलग वित्तीय संस्थाओं से कृषि ऋण स्वीकृत होने की स्थिति में किसानों को एक ही स्थान से बीमा कराया जाना है। इसकी सूचना किसानों को संबंधित बैंक को देनी होगी। ऋणी एवं अऋणी किसानों द्वारा समान रकबा, खसरा का दोहरा बीमा कराने की स्थिति में जो रकबा पहले प्रविष्टि की गई हो को स्वीकार किया जाएगा तथा अन्य सभी बीमा को कंपनी द्वारा निरस्त कर प्रीमियम की राशि योजना में विहित प्रावधानानुसार अंतरित (राजसात) की जाएगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के संबंध में देशव्यापी हेल्पलाईन नंबर 14447 एवं 18004190344 से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। ऋणी कृषक 30 अगस्त 2025 एवं अऋणी कृषक 14 अगस्त 2025 तक अपने फसलों का बीमा कराकर पावती अवश्य प्राप्त करें। बीमा हेतु आधार कार्ड अनिवार्य है एवं ऋण पुस्तिका, बैंक पासबुक, बुवाई प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ती है। इसके लिए अपने समिति, संबंधित बैंक, बीमा प्रदायक कंपनी भारतीय कृषि बीमा कंपनी, लोक सेवा केन्द्र तथा एआईडीई मोबाईल एप के माध्यम से भी अपने फसलों का बीमा करा सकते हैं।

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