
इस अवसर पर सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल ने व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालय के उपलब्धता के साथ सतत उपयोग रख-रखाव हेतु सरपंच व सचिवों को निर्देशित किया। उन्होंने ओडीएफ स्थायित्व व ओडीएफ प्लस के सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि गांव में कहीं पर भी दृष्टिगोचर कचरे नहीं दिखने चाहिए और ना ही गंदे पानी का बहाव होना चाहिए। ग्रामीणों द्वारा स्वयं के सामुहिक प्रयासों से इसे ठीक किया जाना होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता किसी एक व्यक्ति का कार्य नहीं बल्कि एक अभियान है, जिसमें सभी को जुड़कर सक्रिय रूप से कार्य करना अनिवार्य है। राज्य कार्यालय से आये हुए राज्य सलाहकार श्री पुरुषोत्तम पण्डा द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के मार्गदर्शिका व इसके सभी घटकों पर विस्तृत चर्चा व प्रस्तुतिकरण दिया गया। जिसमें प्रतिभागियों को अवगत कराया गया कि स्वच्छता अभियान हमारे व्यक्तिगत जीवन व पर्यावरण के लिए आवश्यक है। इसके साथ ही कार्यशाला में डोर टू डोर कचरा संग्रहण व पृथक्करण, गीला कचरे को व्यक्तिगत व सामुदायिक स्तर पर प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अंतर्गत जैविक कचरे के उचित प्रबंधन व ग्रामीण स्वच्छता,व्यक्तिगत पारिवारिक शौचालय के नवीन तकनीकी मॉडल पर चर्चा, महावारी स्वच्छता प्रबंधन युक्त ग्राम निर्माण तथा व्यक्तिगत स्वच्छता विषय पर चर्चा सहित अन्य विषयों पर चर्चा की गई। इस अवसर
श्री पण्डा द्वारा सभी को स्वच्छता शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर चैम्बर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष श्री रविन्द्र तिवारी,विषय विशेषज्ञ (एसीटीओ) श्री सुनिल कुमार पाण्डेय, विषय विशेषज्ञ (एसएचएम) श्री अंचल ओझा, जिला समन्वयक (एसबीएमजी) श्री रोशन गुप्ता, वैज्ञानिक बॉयोटैक उद्यान विभाग डॉ. प्रशांत शर्मा, सरपंच व सचिवों के साथ-साथ जिला व ब्लॉक स्तर के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।









