Ro no D15139/23

योग: मन की शुद्धि से मोक्ष तक का मार्ग

यदि शांति, संतोष, करुणा और संयम बोए जाएँ, तो जीवन सुंदर हो उठता है। योग हमें यह विवेक देता है कि हम क्या सोचें, क्यों सोचें, और कैसे सोचें। यही मानसिक अनुशासन है।

 

महात्मा गांधी ने भी कहा था – “व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित प्राणी है। जो वह सोचता है, वही बनता है।” गांधी जी का जीवन स्वयं एक ‘चलता-फिरता योग’ था – आत्मानुशासन, सेवा, त्याग और मन की स्पष्टता। उन्होंने मन को साध कर ही अहिंसा को जीवन का मार्ग बनाया। वहीं, भगत सिंह ने विचारों की अग्नि को क्रांति में बदला। दोनों ने अलग राह चुनी, पर आधार उनका मन ही था।

 

आज के समय में मन की बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं – अवसाद, चिंता, आत्महत्या, क्रोध, भ्रम और तनाव। मानसिक अस्पतालों की संख्या बढ़ रही है, पर समाधान केवल दवा नहीं है, ध्यान और योग ही असली उपाय हैं। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि योग-निद्रा, ध्यान और प्राणायाम से मस्तिष्क का ब्रेन वेव पैटर्न बदलता है, तनाव हार्मोन (कॉर्टिसोल) कम होता है और सजीवता, रचनात्मकता व संतुलन बढ़ता है।

 

जब व्यक्ति का मन शांत होता है, तभी वह करुणामय बनता है। और जब समाज के लोग करुणामय हों, तो हिंसा, द्वेष, असहिष्णुता, कट्टरता अपने आप मिटने लगती है। इसलिए योग एक व्यक्ति नहीं, समाज के पुनर्निर्माण का माध्यम है। भारत की विविधता – भाषा, जाति, धर्म, क्षेत्र – अगर कहीं एक सूत्र में बंध सकती है, तो वह आंतरिक शांति और आत्म-संयम के माध्यम से ही संभव है। योग उसी का मार्ग है।

 

इतिहास ऐसे उदाहरणों से भरा पड़ा है जिन्होंने योग और ध्यान के माध्यम से अपने व्यक्तित्व को ऊँचाई दी। भगवान महावीर और गौतम बुद्ध – दोनों ने ध्यान और मानसिक संयम को मुक्ति का मार्ग बताया। स्वामी विवेकानंद ने योग को आत्मज्ञान की कुंजी माना। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने योग और ध्यान को अपने जीवन का अनिवार्य अंग बनाया था। नेल्सन मंडेला ने जेल में भी ध्यान और मौन के माध्यम से मन को शांत रखा। यह सब दर्शाता है कि जो भी महान हुआ, उसने पहले मन को साधा।

 

2014 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में जब अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की घोषणा की पहल की, तो 177 देशों ने उसका समर्थन किया। यह इतिहास में पहली बार हुआ जब योग ने बिना किसी प्रचार के, बिना किसी हथियार के, संस्कृति और चेतना का विश्वव्यापी आंदोलन खड़ा कर दिया। हर साल 21 जून को, जब लोग सूर्य नमस्कार करते हैं, तब वह केवल शरीर की कसरत नहीं कर रहे होते, वे अपने मन को आत्मचिंतन की स्थिति में ला रहे होते हैं।

 

श्रीमद्भगवद्गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं – “समत्वं योग उच्यते” – अर्थात, मन की समता ही योग है। जब न खुशी से हम फूले, न दुख से हम टूटें – तब हम योग में स्थित होते हैं। जब न हमें क्रोध बहा सके, न मोह डुबा सके – तब हम योगी होते हैं। गीता का हर श्लोक अंततः हमें मन के सामर्थ्य की ओर ले जाता है – कैसे विचार बदलें, कैसे दृष्टिकोण पर नियंत्रण रखें, और कैसे कर्म को स्वच्छ मन से किया जाए।

 

आज के समय में, जब मनुष्य बाहरी दुनिया में सब कुछ जीत चुका है – चाँद, मंगल, समुद्र, आकाश – पर अपने भीतर की अशांति से हार रहा है, तब योग ही वह विज्ञान है जो उसे स्वयं से मिलवाता है। योग शरीर का सौंदर्य नहीं, मन की स्वच्छता और आत्मा की ऊँचाई है। अगर हर बच्चा, हर नागरिक, हर नेता और हर शिक्षक अपने दिन की शुरुआत केवल 20 मिनट के ध्यान और प्राणायाम से करे – तो भारत केवल एक आर्थिक शक्ति नहीं, एक आध्यात्मिक विश्वगुरु बन सकता है।

 

योग करो, संयम से सोचो, और अपने मन को स्वयं का मित्र बना लो। फिर न तुम डिगोगे, न टूटोगे, केवल खिलते जाओगे।

 

  • Related Posts

    कहीं बढ़े तो कहीं घटे पेट्रोल-डीजल के दाम, देखें आपके शहर का हाल

    मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच बुधवार, 29 जुलाई को इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला. ब्रेंट क्रूड 3.42% चढ़कर 86.97 डॉलर…

    Read more

    गंदा और बिखरा हुआ किचन देखकर बढ़ जाती है टेंशन? ये आसान हैक्स मिनटों में दूर कर देंगे आपकी परेशानी

    Quick Kitchen Cleaning Tips: किचन में खाना बनाने के बाद जब वह बिखरा हुआ दिखने लगता है, तो उसे देखकर अक्सर हमारी टेंशन बढ़ जाती है. हर दिन किचन की सफाई…

    Read more

    NATIONAL

    Parliament Session Live : संसद में आज अमित शाह लाएंगे जन्म-मृत्यु पंजीकरण से जुड़ा नया बिल

    Parliament Session Live : संसद में आज अमित शाह लाएंगे जन्म-मृत्यु पंजीकरण से जुड़ा नया बिल

    Parliament Session Live : आज लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर होगी चर्चा, सरकार और विपक्ष आमने-सामने

    Parliament Session Live : आज लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर होगी चर्चा, सरकार और विपक्ष आमने-सामने

    यूपी में माफिया सिर उठाएगा तो उसकी जगह जेल या जहन्नुम में होगी, मैनपुरी से सीएम योगी दी चेतावनी

    यूपी में माफिया सिर उठाएगा तो उसकी जगह जेल या जहन्नुम में होगी, मैनपुरी से सीएम योगी दी चेतावनी

    CJP मार्च विवाद : राहुल गांधी का अमित शाह से सवाल- छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया?

    CJP मार्च विवाद : राहुल गांधी का अमित शाह से सवाल- छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया?

    VIDEO जंतरमंतर का सच,सनातन को गाली,

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा:दीपके बोले- वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते; लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा:दीपके बोले- वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते; लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए