
*शिक्षकविहीन स्कूलों को मिले स्थायी शिक्षक, विद्यालयों में लौटी रौनक*
रायपुर, 30 जून 2025/
प्रदेश के विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर शिक्षा विभाग द्वारा लागू की गई युक्तियुक्तकरण नीति अब ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इस नीति के अंतर्गत शिक्षकों का समायोजन के माध्यम से उन विद्यालयों में किया गया जहाँ शिक्षकों की अत्यधिक आवश्यकता थी।
महासमुंद जिले में इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से वर्षों से शिक्षकविहीन या एकल शिक्षक पर निर्भर स्कूलों में अब विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों की नियमित पदस्थापना की गई है। इससे छात्र-छात्राओं को बेहतर मार्गदर्शन मिलने के साथ-साथ पालकों और ग्रामीणों में भी भरोसा और संतोष का वातावरण बना है।
शासन के निर्देशानुसार जिले में विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण करते हुए अतिशेष शिक्षकों को उन शालाओं में भेजा गया, जहाँ विषयवार शिक्षक लंबे समय से अनुपलब्ध थे। महासमुंद में इस प्रक्रिया के तहत बसना विकासखंड में 126, सरायपाली में 152, पिथौरा में 139, महासमुंद में 211 और बागबाहरा में 75 शिक्षकों का समायोजन किया गया। कुल मिलाकर जिले में 703 शिक्षकों की पदस्थापना की गई है।
जिले के छोटेटेमरी, गढ़गांव, धुमाभांठा और गिधापाली जैसे विद्यालय जो वर्षों से शिक्षकविहीन थे या केवल स्थानीय समन्वय से संचालित हो रहे थे, अब बहुशिक्षकीय विद्यालय में बदल चुके हैं। कई ऐसे स्कूल जो लगभग 25 वर्षों से एकल शिक्षक पर निर्भर थे, अब विषयानुसार शिक्षकों की उपस्थिति से सशक्त हुए हैं।
शिक्षकों की नियुक्ति से विद्यालयों में उत्सव जैसा वातावरण बन गया है। विद्यार्थी उत्साहित हैं, वहीं ग्राम पंचायतों, सरपंचों और जनप्रतिनिधियों द्वारा नवपदस्थ शिक्षकों का आत्मीय स्वागत किया गया है। इससे स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार की उम्मीद की जा रही है। विद्यार्थियों को नियमित और गहराई से अध्ययन करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनका भविष्य और अधिक उज्ज्वल होगा।
युक्तियुक्तकरण की यह पहल न केवल वर्तमान शिक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रही है, बल्कि यह राज्य के दूरस्थ इलाकों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की दिशा में एक दूरगामी कदम साबित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहा यह बदलाव समावेशी और स्थायी विकास की ओर स्पष्ट संकेत दे रहा है।








