
कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत एक दिवसीय जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत के सभाकक्ष में किया गया। कार्यशाला में वित्तीय वर्ष 2028-29 तक सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाए जाने के लक्ष्य के बारे में जानकारी दी गई।
उक्त कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने कहा कि सभी को सम्मिलित रूप से समन्वित प्रयास करते हुए जिले को बाल विवाह जैसी कुरीतियों से मुक्त करना है। उन्होंने इसके लिए ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार तथा जनजागरुकता अभियान चलाये जाने के लिए निर्देशित किया। जिला कार्यकम अधिकारी विपिन जैन ने जिले को बाल विवाह मुक्त कराने में सहयोग करने का आव्हान किया। उन्होंने बताया कि कांकेर जिले में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत् अब तक लगभग 50 ग्राम पंचायतों की बाल विवाह मुक्त घोषित कराये जाने हेतु प्रस्ताव पारित कराया गया है, शेष ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त कराये जाने हेतु विशेष अभियान चलाये जाने की आवश्यकता है।
उल्लेखनीय है कि बाल विवाह की जानकारी मिलने पर टोल फ्री नम्बर 1098 पर इसकी सूचना दी जा सकती है। बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रुप से कार्यवाही की जाती है। उक्त कार्यशाला में राज्य स्तर से आए रिसोर्स पर्सन श्री शशांक शर्मा के द्वारा बाल विवाह से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी एवं अवगत कराया कि बाल विवाह करने में सहयोग करने वाले सभी व्यक्तियों को 02 वर्ष के कठोर कारावास तथा 01 लाख रुपये के जुर्माने से दण्डित किये जाने का प्रावधान है। कार्यकम में उपस्थित सभी व्यक्तियों ने कांकेर जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने हेतु शपथ भी ली।









