
संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा-अम्बिकापुर में आज आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता माननीय कुलपति प्रो. राजेंद्र लाकपाले ने की। विश्वविद्यालय के अकादमिक, शोध एवं भौतिक विकास को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासरिक निर्णय लिए गए।
बैठक के दौरान कुलपति ने NAAC CYCLE-II ग्रेडिंग और UGC 12(B) मान्यता प्राप्त करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रपत्रों में सभी सूचनाएं तैयार कर शीघ्र ही संबंधित संस्थाओं को भेजी जाएं, ताकि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मान्यता प्रणाली में बेहतर स्थान मिल सके।
जनजातीय गौरव वर्ष के उपलक्ष्य में कुलपति जी ने विश्वविद्यालय परिसर में भगवान बिरसा मुंडा शिक्षा एवं शोध केंद्र स्थापित करने हेतु भारत सरकार के लिए परियोजना प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह केंद्र जनजातीय समुदायों के अध्ययन, संस्कृति एवं विकास के लिए एक महत्वपूर्ण शोध मंच बनेगा।
बैठक में भारत सरकार की NIRF रैंकिंग में विश्वविद्यालय की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए एक समिति गठित की गई। समिति को आवश्यक डेटा तैयार कर निर्धारित समयसीमा में पोर्टल पर प्रस्तुत करने के निर्देश प्रदान किए गए।
कुलपति प्रो. लाकपाले ने सरगुजा जैसे वनांचल क्षेत्र के गरीब एवं कमजोर विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय शिक्षण परिसर में निःशुल्क शिक्षा एवं कोचिंग सेंटर प्रारंभ करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों से अपील की कि वे इस केंद्र में स्वयं भी निशुल्क कोचिंग प्रदान कर छात्रों को उच्च शिक्षा के अवसरों से जोड़ें।
शोध कार्य में गुणवत्ता एवं एकरूपता सुनिश्चित करने हेतु कुलपति जी ने निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय में होने वाले सभी शोध प्रबंधों के लिए एक समेकित प्रारूप तैयार किया जाए। अनुमोदन के बाद इसी प्रारूप में सभी शोधार्थी अपनी थीसिस जमा करेंगे।
बैठक में विश्वविद्यालय द्वारा हाल ही में आयोजित 20वें छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन की सफलता पर सभी शिक्षकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र एवं बैग प्रदान कर सम्मानित किया गया। कुलपति ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे गरिमामय आयोजन निरंतर आयोजित किए जाएंगे।









