Ro no D15139/23

भारत में पड़े नौकरी के लाले, विदेशी पढ़ाई, 600 आवेदन और 4 इंटरव्यू, महिलाओं ने साझा की परेशानियां

भारत में नौकरी पाना कठिन है, यह शिकायत है दो लड़कियों की, जो हाल ही में विदेशों से पढ़कर लौटी हैं. उनका कहना है कि कई बार कई जगह आवेदन करने के बाद भी बेहद कम रिप्लाई मिल रहे हैं. रेडिट पर उन्होंने अपने अनुभव साझा किए हैं. इस पर उन्होंने लोगों से सलाह मांगी है.

देश से बाहर पढ़ाई या काम करने के बाद दोबारा भारत लौटकर नौकरी पाना कई बार बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. ऐसी ही मुश्किलों का सामना कर रही युवा प्रोफेशनल्स की पोस्ट इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है. भारत लौटकर करियर दोबारा स्थापित करने की कोशिश कर रही इन भारतीय महिला ने न सिर्फ अपनी परेशानियां साझा की हैं, बल्कि प्रभावी जॉब सर्च रणनीतियों को लेकर लोगों से सलाह भी मांगी है. भारत में नौकरी तलाशने की कड़वी सच्चाई पर एनआरआई की इस पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.

भारत वापसी: 600 आवेदन, सिर्फ 4 इंटरव्यू

महिला हाल ही में कनाडा से भारत लौटी हैं. दो महीने की जॉब हंट उनके लिए एक बड़ा रियलिटी चेक साबित हुई. रेडिट पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि अब तक वह 600 से अधिक नौकरियों के लिए आवेदन कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ चार इंटरव्यू ही मिल पाए हैं. उन्होंने लिखा, “कनाडा से लौटने के बाद भारत में नौकरी मिलना बेहद मुश्किल हो रहा है. मार्केटिंग और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में मैंने 600 से ज्यादा रोल्स के लिए अप्लाई किया, लेकिन केवल चार इंटरव्यू मिले. कनाडा में आमतौर पर 50-100 आवेदन करने पर ही 10-15 इंटरव्यू मिल जाते थे.”

उन्होंने यह भी शिकायत की कि भारत में उनके क्षेत्र में मिलने वाली सैलरी बेहद कम है. महिला ने लिखा कि वह पहले बड़ी कंपनियों में काम कर चुकी हैं, इसके बावजूद भारत में नौकरी के लिए आवेदन करना उनके लिए अब तक का सबसे कठिन अनुभव साबित हो रहा है.

लिंक्डइन और जॉब पोर्टल्स से निराशा

एक और 25 वर्षीय महिला ने इसी तरह की दिक्कत को साझा किया है. उन्होंने यूके की एक प्रमुख यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी की थी और इसके बाद करीब दो साल तक विदेश में काम भी किया. अपनी रेडिट पोस्ट में उन्होंने बताया कि भारत के बेहद प्रतिस्पर्धी जॉब मार्केट में खुद को फिर से स्थापित करने की कोशिश में वह खुद को “भटका हुआ” महसूस कर रही हैं. महिला के मुताबिक, ग्रेजुएट वीजा की अवधि समाप्त होने और पिछले कार्यस्थल का माहौल विषाक्त (टॉक्सिक) हो जाने के कारण उन्हें भारत लौटना पड़ा. उन्हें उम्मीद थी कि यह ट्रांजिशन आसान रहेगा, लेकिन भारत पहुंचने के बाद उन्हें कड़ी प्रतिस्पर्धा और सीमित अवसरों की सच्चाई का सामना करना पड़ा.

 

उसने कहा कि लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म्स पर नौकरी के लिए किए जा रहे आवेदनों पर कोई जवाब न मिलने को लेकर भी निराशा जाहिर की. उनके अनुसार, कई बार आवेदन भेजने के बाद “बिना किसी प्रतिक्रिया के वे गायब हो जाते हैं.” पोस्ट के अंत में उन्होंने इस कठिन जॉब मार्केट से निपटने के लिए लोगों से सुझाव और मार्गदर्शन भी मांगा.

जॉब सर्च के तरीकों पर सवाल

अपनी पोस्ट में उन्होंने भारत में नौकरी ढूंढने के तौर-तरीकों को लेकर कई सवाल उठाए. उन्होंने जानना चाहा कि क्या भारत में हायरिंग मैनेजर्स से सीधे संपर्क करना सही माना जाता है और अगर हां, तो ऐसा करने का बेहतर तरीका क्या हो सकता है. इसके साथ ही उन्होंने ऐसे विशेष जॉब पोर्टल्स या इंडस्ट्री-स्पेसिफिक कम्युनिटीज के बारे में भी जानकारी मांगी, जहां वास्तव में सक्रिय भर्ती होती हो, न कि केवल सामान्य एप्लिकेशन जमा कराए जाते हों.
उनकी एक बड़ी चिंता यह भी थी कि क्या भारत की कंपनियां अंतरराष्ट्रीय अनुभव को महत्व देती हैं या फिर उसे नजरअंदाज कर देती हैं. उन्होंने सवाल किया कि क्या भारतीय नियोक्ता वास्तव में ग्लोबल एक्सपीरियंस को सराहते हैं या उसे अप्रासंगिक मान लेते हैं.

  • Related Posts

    POK में आर-पार की लड़ाई का ऐलान, LOC के पास जुटे 25 हजार लोगों ने कहा- हम भारत में…

    पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (POK) में जारी आंदोलन अब नियंत्रण रेखा LOC के करीब पहुंच गया है. मंधोल इलाके में आयोजित एक सभा में हजारों लोग जुटे हुए हैं.…

    Read more

    डाक विभाग ने बदले नियम: पासबुक से लेकर पासपोर्ट तक, जानें अब आपकी कौन सी चीज किस श्रेणी में होगी डिलीवर

    धनबाद. भारतीय डाक विभाग ने डाक सामग्री के वर्गीकरण और सेवाओं में बदलाव किया है. नयी व्यवस्था में पत्र और पार्सल के बीच अंतर को अधिक स्पष्ट किया गया है. डाक…

    Read more

    NATIONAL

    POK में आर-पार की लड़ाई का ऐलान, LOC के पास जुटे 25 हजार लोगों ने कहा- हम भारत में…

    POK में आर-पार की लड़ाई का ऐलान, LOC के पास जुटे 25 हजार लोगों ने कहा- हम भारत में…

    डाक विभाग ने बदले नियम: पासबुक से लेकर पासपोर्ट तक, जानें अब आपकी कौन सी चीज किस श्रेणी में होगी डिलीवर

    डाक विभाग ने बदले नियम: पासबुक से लेकर पासपोर्ट तक, जानें अब आपकी कौन सी चीज किस श्रेणी में होगी डिलीवर

    यूक्रेन का दावा, रूस से जंग में रोबोट सैनिकों ने 3000 रूसी सैनिक मार गिराए; भारत भी बना रहा ऐसी तकनीक

    यूक्रेन का दावा, रूस से जंग में रोबोट सैनिकों ने 3000 रूसी सैनिक मार गिराए; भारत भी बना रहा ऐसी तकनीक

    बिहार भाजपा कोर कमिटी की बैठक प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े रहे मौजूद

    बिहार भाजपा कोर कमिटी की बैठक  प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े रहे मौजूद

    चुनाव विभाग कार्यालय विवाद पर जयराम का हमला बोले, आरोपियों पर हो सख्त कार्रवाई, संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की मांग नेरचौक मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजिस्ट की कमी का मुद्दा उठाया, खिलाड़ियों को घोषित पुरस्कार राशि देने को कहा

    चुनाव विभाग कार्यालय विवाद पर जयराम का हमला  बोले, आरोपियों पर हो सख्त कार्रवाई, संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की मांग  नेरचौक मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजिस्ट की कमी का मुद्दा उठाया, खिलाड़ियों को घोषित पुरस्कार राशि देने को कहा

    शिमला प्रदर्शन पर बिंदल का सरकार पर हमला हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल बोले, कानून सबके लिए समान हो कांग्रेस प्रदर्शन में सरकारी संपत्ति नुकसान का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

    शिमला प्रदर्शन पर बिंदल का सरकार पर हमला  हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल बोले, कानून सबके लिए समान हो  कांग्रेस प्रदर्शन में सरकारी संपत्ति नुकसान का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग