Ro no D15139/23

धुरंधर-2, धुरंधर के बहाने-बेनकाब हुए अनजाने, नोटबंदी से-मरा खनानी, मोरारजी देसाई की गलती से मरे एजेन्ट, बात निकली है तो दूर तलक जाएगी वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

धुरंधर से देशवासियांे के सीनों में और पाकिस्तानियों के पिछवाड़े में आग लग गयी। साथ ही वोट और सत्ता की खातिर आतंकियों को पोसने वाले और देश को बेचने वाले नंगे हो रहे, नेताओं के पिछवाड़े भी सुलग रहे हैं।
धुरंधर लंबी है इसलिये तीन भागों मे बांटा है 17 तारीख को लिखा-‘धुरंधर (भाग 1)-नंगा कर दिया मंत्री को, गद्दारांे को, दिखाई जासूसों की देशभक्ति,संयम,पीड़ा’ साथ ही दूसरा भाग भी तैयार कर लिया। मगर बीच में सनसनी फैल गयी।

बीच में एपस्टीन घुस गया। पर एपस्टीन…. खोदा पहाड़ निकली चुहिया। एपस्टीन पर मोदी विरोधियों की सुलग गयी। बहरहाल… बात धुरंधर की करें।

भारत का मंत्री
पुत्र के साथ
क्यांे रूका था दुबई में

धुरंधर फिल्म क्या आई सारी सच्चाई जमीन खोदकर बाहर आने लगी। एक-एक कर सरकारी नुमाईदों की गंदी और विश्वासघाती हरकतें सामने आने लगीं।
क्यांेकि देश भर में ऐसी ही चर्चाएं गर्म हो गयीं।
खून खौलता है पिछली सरकारों के नीचतापूर्ण कार्यों को जानकर। सही अर्थों में देश को नोच-नोच कर खाना इसी को कहते हैं।
सबसे दुखद रहा अपने देश के विदेशमंत्री और उनके बेटे द्वारा नोटों की प्रिंटिंग डाई को बच देना।

फिल्म में दिखाया गया है कि पाकिस्तान का व्यापारी जावेद खनानी नकली नोट बनाने का काम करता था। वो भारत के नकली नोट बनाकर हमें खोखला करता रहा।

ये तब मरा जब भारत में नोटबंदी हुई। आठवीं मंजिल से नीचे गिर गया। जो लोग नोटबंदी के नाम पर अपनी छाती पीट रहे थे, साथ ही जो बुद्धिजीवी पूछते रहे कि क्या मिला नोटबंदी से उनके लिये करारा जवाब है ये घटना।


खनानी जो वहां फेक करेंसी का नेटवर्क चला रहा था और निस्स्ंदेह भारत की अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंचा रहा था नोटबंदी से उसके हाथ कट गये। जैसे ही नोटबंदी की धोषणा हुई देश के हजार-पांच सौ के सारे नोट कचरा हो गये। साथ ही खनानी के पास पाकिस्तान में अरबांे रूप्ये के जो नकली नोट पड़े थे सब कूड़ा हो गये।

जो अक्सर पूछते रहते हैं कि नोटबंदी से क्या हासिल हुआ, उन्हें बता दें कि नकली नोट बनाकर हमारी जड़ें खोखली करने वाले पाकिस्तानी खनानी को इतना आर्थिक और मानसिक इतना आघात लगा कि उसने आत्महत्या कर ली।

हमें तो नोटबंदी के लिये मोदीजी का शुक्रगुजार होना चाहिये।

गद्दार मंत्री और पुत्र
सांठगांठ विदेशी कंपनी से

बताया जाता है कि ब्रिटेन की एक कंपनी भारत को नोटों का कागज सप्लाई करती थी। वही वही कागज पाक को भी करने लगी, तब भारत ने आपत्ति की और उस कंपनी को बैन कर दिया। लेकिन व्यक्गित हित को देश हित से उपर समझने वाले लोगों की कमी नही है हमारे देश में, लिहाजा उस कंपनी ने सत्ताधीशों को घूस देकर फिर से ठेका हासिल कर लिया।

सिर्फ इतना ही नहीं देश में यह भी चर्चा है कि ब्रिटेन से लौटते समय तत्कालीन मंत्री और उनका पुत्र दोनों ने रास्ते में विमान दुरूस्ती के नाम पर विराम लिया, पता है कहां… दुबई में। जहां उन्होंने नोट की डाई भी दुश्मन देश को सौंप दी। हद है गद्दारी की।

बाद में सरकार बदली तो मोदी सरकार द्वारा उस कंपनी को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

बेहद दुखः
नासमझी से गयी
कई जासूसों की जान

धुरंधर फिल्म से एक बात ये अच्छी हुई है कि कई लोगांे की कलई खुल गयी है। खुल रही है। चारों ओर से देश के प्रति दुर्भावना और अपना घर भरने वालों के चेहरे बेनकाब हो रहे हैं।

कई चैंकाने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं। जिनसे दिल दहल जाता है। इसका दूसरा भाग भी तैयार बताया जा रहा है। संभावना लग रही है कि भविष्य में और भी धुरंधर बनेंगे ये सीरीज बनेगी। गड़े मुर्दे उखड़ेंगे।

चर्चा है कि आई के गुजराल और हामिद अंसारी के रहते विदेशों में राॅ के कई ऐजेंट मारे गये। किस भावना के तहत् इन लोगों लिखित में अपने राॅ एजेन्टों की सूची सार्वजनिक कर दी थी जो एक-एक कर सारे मारे गये। ये वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप सिंह ने एक कार्यक्रम में आरोप लगाया था।

मोरारजी सरकार की भूल
देशभक्त एजेन्ट की बलि
देसाई को पाक ने किया सम्मानित

एक दावा ये भी है कि मोरारजी देसाई जब प्रधानमंत्री थे तो पाक को परमाणु कार्यक्रम की जानकारी मिल गयी थी एजेन्ट ने दस हजार डालर मांगे। डाॅलर देना तो दूर उन्होंने पाक को इसकी जानकारी देकर कहा कि ‘ये आप ठीक नहीं कर रहेे’।

सरकार को लगा होगा कि पाकिस्तान शर्मसार होकर साॅरी बोलेगा और कहेगा कोई बात नहीं महात्माजी, इस बार माफ कर दीजिये, हम दिल से शर्मिन्दा हैं आगे से शिकायत का मौका नहीं मिलेगा। मगर पाक ने शर्मसार होना तो दूर… ढूंढ-ढांढ कर उस एजेन्ट और हमारे राॅ के एजेंट की हत्या कर दी।

मोरारजी देसाई की सरकार को किसी भी कोण से किसी देशभक्त और ईमानदार सरकार के रूप में जाना जाता है लेकिन ये गलती उससे कैसे हुई ? कैसे भारत सरकार पाकिस्तानी दुर्भावना और मानसिकता को समझने में भूल कर गयी ये तो पता नहीं पर नुकसान बहुत बड़ा हो गया और मोरारजी देसाई से जो भूल हुई वो अक्षम्य है।
कहा जाता है कि इसके एवज में पाकिस्तान ने मोरारजी देसाई को पाकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान निशान ए पाकिस्तान दिया। बेहद दुखद और शर्मनाक।
————————–
जवाहर नागदेव
, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिन्तक, विश्लेषक
मोबा. 9522170700

  • Related Posts

    बेडरूम में भूलकर भी न रखें ये 4 चीजें, वास्तु के अनुसार पति-पत्नी के रिश्ते में बढ़ सकती है दूरी

    Bedroom Vastu Tips: बेडरूम घर का वह हिस्सा है जहां दिनभर की थकान के बाद लोग आराम करते हैं. यहां का माहौल शांत और सुकून भरा हो, तो नींद भी अच्छी…

    Read more

    ‘Bollywood को prostitution का अड्डा समझ लिया…’ Sushant की मौत के बाद इंडस्ट्री पर बरसी गालियों से भड़के Tigmanshu Dhulia

    बॉलीवुड की फिल्मों और इंडस्ट्री के काम करने के तरीके को लेकर बहस कोई नई नहीं है. लेकिन Sushant Singh Rajput की मौत के बाद हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को लेकर…

    Read more

    NATIONAL

    VideoNEWS ,भागलपुर गंगा का जलस्तर बढ़ा डूबकर 5 की मौत गांव में छाया मातम कुछ दिन पूर्व ही मुख्यमंत्री,सांसद आपदा मंत्री ने किया था गंगा कटाव क्षेत्र दौरा

    VideoNEWS ,भागलपुर गंगा का जलस्तर बढ़ा डूबकर 5 की मौत गांव में छाया मातम कुछ दिन पूर्व ही मुख्यमंत्री,सांसद आपदा मंत्री ने किया था गंगा कटाव क्षेत्र दौरा

    हमें ए आई का सकारात्मक प्रयोग करना चाहिए: राणा यशवंत

    हमें ए आई का सकारात्मक प्रयोग करना चाहिए: राणा यशवंत

    Bank Strike September 2026: 11 सितंबर से बैंक बंद, आज ही निपटा लें चेक, कैश और पासबुक का काम

    Bank Strike September 2026: 11 सितंबर से बैंक बंद, आज ही निपटा लें चेक, कैश और पासबुक का काम

    चुनाव आयोग ने किया ममता बनर्जी और रितब्रत को तलब, किसकी होगी टीएमसी, 12 सितंबर तक होगा फैसला

    चुनाव आयोग ने किया ममता बनर्जी और रितब्रत को तलब, किसकी होगी टीएमसी, 12 सितंबर तक होगा फैसला

    मायावती के दलित वोट बैंक पर अखिलेश यादव की नजर, लाल-नीले रंग से PDA तक सपा की नई सियासी रणनीति

    मायावती के दलित वोट बैंक पर अखिलेश यादव की नजर, लाल-नीले रंग से PDA तक सपा की नई सियासी रणनीति

    Huawei, Alibaba और Emirates समेत दुनिया भर के दिग्गज कारोबारी होंगे शामिल

    Huawei, Alibaba और Emirates समेत दुनिया भर के दिग्गज कारोबारी होंगे शामिल