Ro no D15139/23

हौसला, हुनर और योजनाओं के सहारे महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

रायपुर, 27 मार्च 2026 (IMNB NEWS AGENCY) छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले का छोटा सा गांव मनियारी आज एक बड़ी सीख दे रहा है- अगर इरादे मजबूत हों और सही मौके मिल जाएं, तो बदलाव दूर नहीं होता। यहां की पांच महिलाओं ने अपने साहस, आत्मविश्वास और मेहनत के दम पर न सिर्फ अपनी जिंदगी बदली, बल्कि पूरे गांव में नई सोच की शुरुआत कर दी।

इस बदलाव की शुरुआत हुई अनुसूया साहू से। बचपन से सिलाई में माहिर अनुसूया के पास हुनर तो था, लेकिन आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी के चलते वह आगे नहीं बढ़ पा रही थीं। घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उनका सपना कहीं दब सा गया था। मार्च 2024 में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य की महिलाओं को 1000 हजार रूपए की प्रत्येक माह आर्थिक मदद दिए जाने के उद्देश्य से शुरू की गई महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई। हर महीने मिलने वाली इस सहायता राशि को खर्च करने के बजाय उन्होंने बचाने का फैसला किया। छह महीने की बचत के बाद उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी और घर से ही काम शुरू किया। शुरुआत भले ही छोटी थी, कपड़ों की आल्टरिंग और साधारण सिलाई, लेकिन काम की गुणवत्ता ने जल्द ही उन्हें पहचान दिला दी।

अनुसूया की कोशिशों ने गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया। ओमकारेश्वरी साहू ने उनसे सिलाई सीखी और अपना काम शुरू किया। इसके बाद पार्वती, गंगा और हेमिनी भी जुड़ती चली गईं। देखते ही देखते यह पहल एक मजबूत महिला समूह में बदल गई, जहां सहयोग और सीखने की भावना ने इसे आगे बढ़ाया।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने इन महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की जानकारी दी और पंजीकरण में मदद की। योजना के तहत मिली 5000 रुपये की सहायता राशि का उपयोग महिलाओं ने सिलाई मशीन खरीदने और अपने काम को विस्तार देने में किया। सही जानकारी और योजनाओं के उपयोग ने इनके आत्मविश्वास को नई उड़ान दी। आज ये पांचों महिलाएं मिलकर एक सफल सिलाई केंद्र चला रही हैं। वे महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के लिए कपड़े तैयार कर रही हैं। समय पर काम और बेहतर गुणवत्ता के कारण गांव के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी उनकी पहचान बन चुकी है।

इस पहल से उनकी आय में वृद्धि हुई है। अब वे अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान दे रही हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब वे परिवार के फैसलों में भी बराबरी से भागीदारी निभा रही हैं। इन महिलाओं की सफलता अब गांव की अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है। आत्मविश्वास और आत्मसम्मान के साथ वे समाज में नई पहचान बना रही हैं।

  • Related Posts

    नव संकल्प शिक्षण संस्थान में नए बैच के लिए प्रवेश परीक्षा एक नवंबर को

    सीजीपीएससी, सीजी एसएसबी और एसएससी जीडी की निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा तैयारी का मिलेगा अवसर मेरिट के आधार पर 50 विद्यार्थियों को मिलेगी निःशुल्क हॉस्टल सुविधा, 16 नवंबर से शुरू होंगी…

    Read more

    मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति के लिए 30 अक्टूबर तक आवेदन

    जशपुरनगर 18 अक्टूबर 2026 / आदिम जाति कल्याण विभाग, जिला जशपुर द्वारा मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना शिक्षण सत्र 2026-27 के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सहायक आयुक्त…

    Read more

    NATIONAL

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?

    प्रोटेस्ट के सबसे अचूक हथियार अनशन से क्यों बच रहे हैं राहुल गांधी और अभिजीत दीपके? बदलते दौर में इसका कितना रहा महत्व

    प्रोटेस्ट के सबसे अचूक हथियार अनशन से क्यों बच रहे हैं राहुल गांधी और अभिजीत दीपके? बदलते दौर में इसका कितना रहा महत्व

    अंकिता भंडारी के माता-पिता को पुलिस ने सुबह 5 बजे छोड़ा, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम

    अंकिता भंडारी के माता-पिता को पुलिस ने सुबह 5 बजे छोड़ा, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम